ठाणे में झोलाछाप ‘हीलर’ ने कारोबारी से ₹56 लाख की ठगी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

ठाणे (महाराष्ट्र) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 75 वर्षीय कारोबारी को कथित रूप से एक स्वयंभू “हीलर” और उसके सहयोगी ने हर्बल इलाज के नाम पर ₹56.2 लाख की ठगी का शिकार बना लिया। पुलिस ने इस मामले में कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Thane में हुई इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन और झोलाछाप इलाज के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल
जानकारी के अनुसार, पीड़ित कारोबारी लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने खुद को “हीलर” बताकर उनसे संपर्क किया और हर्बल इलाज का भरोसा दिलाया। इलाज के नाम पर नवंबर से लगातार दवाइयाँ कूरियर के जरिए भेजी जाती रहीं।
इन दवाओं के सेवन के बावजूद जब स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ, तो पीड़ित को शक नहीं हुआ और वह आरोपियों पर भरोसा करते रहे।
धमकी देकर वसूली गई भारी रकम
पुलिस के अनुसार, बाद में आरोपी पीड़ित को Ghodbunder Road स्थित Gaimukh Chowpatty पर बुलाकर एक “विशेष हर्बल मिश्रण” पिलाने का दबाव बनाने लगे।
इसके बाद आरोपियों ने दावा किया कि इलाज की कुल लागत ₹56 लाख है और पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। यहां तक कि घर पर लोगों को भेजने और निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर डराया गया।
डर के कारण पीड़ित ने पहले ₹20,000 नकद दिए और बाद में अलग-अलग किस्तों में बैंक ट्रांसफर के जरिए कुल ₹56.2 लाख आरोपी को भेज दिए।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की शिकायत मिलने के बाद Kasarvadavali Police Station ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 318(2), 318(3), 277 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल की जा सकती है।
सावधानी जरूरी
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बिना प्रमाणिक मेडिकल सलाह के इलाज या “क्वैक हीलिंग” पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या के लिए केवल मान्यता प्राप्त डॉक्टरों और अस्पतालों से ही इलाज लेना चाहिए।





