ओमान के पास US हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत, MT Settebello पर हमले से मचा हड़कंप
ओमान तट के पास जहाज पर हमले में 3 भारतीयों की जान गई

New Delhi: ओमान के तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में एक व्यापारी जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस घटना ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय समुद्री समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है।
MT Settebello पर हुआ था हमला
जानकारी के अनुसार, पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर MT Settebello पर बुधवार को ओमान की खाड़ी के पास हमला हुआ था। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे।
हमले के बाद ओमान की सशस्त्र सेनाओं ने बचाव अभियान चलाकर 25 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया था। हालांकि तीन भारतीय नाविक लापता बताए गए थे। बाद में उनके शव बरामद कर उनकी पहचान की गई।
सरकार ने जताया दुख, शवों की वापसी के निर्देश
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि तीन भारतीय नाविकों की मौत बेहद दुखद है और सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाए गए भारतीय नागरिकों की जल्द स्वदेश वापसी सुनिश्चित की जाए और मृतकों के शवों को भी जल्द भारत लाया जाए।
भारतीय दूतावास और सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए
इस घटना के बीच ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय भी मामले की निगरानी कर रहा है।
भारत ने पहले ही जहाज पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई थी और नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया था।
एक और जहाज पर हमले की खबर
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को ओमान के तट के पास एक अन्य व्यापारी जहाज पर भी हमला हुआ, जिसमें भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। हालांकि इस घटना में सभी भारतीय सुरक्षित बताए गए हैं।
भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहा है।
अमेरिकी सेना ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि MT Settebello ने अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं किया और ईरानी तेल परिवहन से जुड़े प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था।
CENTCOM के अनुसार, जहाज को निष्क्रिय करने के लिए उसके इंजन रूम को सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की गई।
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि व्यापारी जहाजों और उनके चालक दल को सैन्य संघर्षों का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
संगठन का कहना है कि जिन जहाजों पर हमले हुए, वे हथियार नहीं ले जा रहे थे और इस तरह की कार्रवाई से निर्दोष नाविकों की जान खतरे में पड़ रही है।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच बढ़ा खतरा
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में समुद्री यातायात प्रभावित हो रहा है। ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
ओमान के पास MT Settebello पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सरकार बचाए गए भारतीयों की वापसी और मृतकों के शवों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





