भारत में महिलाओं की डिजिटल क्रांति, इंटरनेट उपयोग 33% से बढ़कर 64% हुआ

भारत में डिजिटल क्रांति का प्रभाव अब सामाजिक स्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ताजा National Family Health Survey (NFHS-6) रिपोर्ट के अनुसार, देश में महिलाओं द्वारा इंटरनेट उपयोग में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2019-21 में जहां यह आंकड़ा 33.3% था, वहीं 2023-24 में यह बढ़कर 64.3% तक पहुंच गया है।
महिलाओं की डिजिटल भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि
NFHS-6 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में महिलाओं की डिजिटल पहुंच तेजी से बढ़ रही है। इंटरनेट उपयोग के साथ-साथ बैंकिंग और मोबाइल फोन उपयोग में भी महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
- इंटरनेट उपयोग: 33.3% → 64.3%
- बैंक अकाउंट या सेविंग अकाउंट धारक महिलाएं: 78.6% → 89%
- व्यक्तिगत मोबाइल फोन रखने वाली महिलाएं: 53.9% → 63.6%
यह बदलाव भारत में महिला सशक्तिकरण और डिजिटल इंडिया मिशन की सफलता को दर्शाता है।
NFHS-6 रिपोर्ट क्या कहती है?
National Family Health Survey (NFHS-6) को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया है। इस सर्वे में लगभग 6.79 लाख घरों को शामिल किया गया, जो 715 जिलों तक फैला हुआ है।
इसका उद्देश्य देश में स्वास्थ्य, पोषण, जनसंख्या और सामाजिक संकेतकों पर डेटा एकत्र करना है ताकि बेहतर नीतियां बनाई जा सकें।
डिजिटल इंडिया और महिला सशक्तिकरण
सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे डिजिटल इंडिया, जन धन योजना और मोबाइल कनेक्टिविटी विस्तार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट उपयोग में यह वृद्धि शिक्षा, रोजगार, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक महिलाओं की पहुंच को और आसान बना रही है।
चुनौतियाँ भी बरकरार
हालांकि प्रगति सकारात्मक है, फिर भी कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं:
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल असमानता
- इंटरनेट की गुणवत्ता और पहुंच
- डिजिटल साक्षरता की कमी
- साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन सुरक्षा जोखिम
इन समस्याओं पर ध्यान देना अभी भी आवश्यक है।
भविष्य की दिशा
NFHS-6 रिपोर्ट यह संकेत देती है कि भारत तेजी से एक डिजिटल समाज की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में महिलाओं की डिजिटल भागीदारी और अधिक बढ़ने की संभावना है, जिससे देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को मजबूती मिलेगी।
NFHS-6 के आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि भारत में महिलाओं की डिजिटल भागीदारी में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। इंटरनेट उपयोग में यह वृद्धि न केवल तकनीकी बदलाव है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।





