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Twisha Sharma Case: MP हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द की, CBI जांच तेज

Madhya Pradesh: पूर्व मॉडल और अभिनेत्री Twisha Sharma की मौत मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार देर रात आरोपी सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता, जांच में सहयोग न करने और उपलब्ध सबूतों को देखते हुए यह फैसला सुनाया।

इस बीच, ट्विशा शर्मा के पति समार्थ सिंह को पहले ही Central Bureau of Investigation (CBI) की हिरासत में भेजा जा चुका है। एजेंसी मामले में कथित दहेज प्रताड़ना, संदिग्ध परिस्थितियों और पोस्टमॉर्टम से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

हाईकोर्ट ने क्यों रद्द की जमानत?

जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अग्रिम जमानत देते समय मामले के कई महत्वपूर्ण तथ्यों और सबूतों पर पर्याप्त विचार नहीं किया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गिरिबाला सिंह को कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद उन्होंने जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं किया। कोर्ट ने यह भी माना कि मामले की प्रकृति गंभीर है और मृतका के शरीर पर मिली चोटों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन शरीर पर छह अन्य एंटेमॉर्टम चोटें भी मिलीं, जिनमें सिर और हाथ पर चोट के निशान शामिल हैं।

दहेज और पैसों के लेन-देन पर भी कोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट ने कहा कि केवल बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि दहेज की मांग नहीं हुई। आदेश में कहा गया कि शादी दिसंबर 2025 में हुई थी और अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच हुए पैसों के ट्रांजैक्शन को दहेज प्रताड़ना के आरोपों से अलग करके नहीं देखा जा सकता।

ट्विशा के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

CBI कर रही है मामले की जांच

Central Bureau of Investigation ने हाल ही में मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। एजेंसी ने अदालत में कहा कि समार्थ सिंह से पूछताछ जरूरी है क्योंकि पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया और घटनास्थल से जुड़े कई पहलुओं में अनियमितताएं सामने आई हैं।

सीबीआई ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान कुछ अहम तथ्य छिपाने की कोशिश की गई।

क्या है पूरा मामला?

ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने घर में मृत पाई गई थीं। इसके बाद 15 मई को एफआईआर दर्ज हुई थी। परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।

मामले ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों तक व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद जांच और तेज होने की संभावना है।

Twisha Sharma Case: मुख्य अपडेट

  • MP हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द की
  • कोर्ट ने जांच में सहयोग न करने पर जताई नाराजगी
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटों का उल्लेख
  • समार्थ सिंह CBI हिरासत में
  • दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध मौत के एंगल से जांच जारी
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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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