सिंगापुर में भारतीय नागरिक पर बड़ा आरोप, 13 अवैध प्रवासियों को ठहराने का मामला

सिंगापुर में 26 वर्षीय भारतीय नागरिक पर 13 भारतीय प्रवासियों को अवैध रूप से शरण देने और रोजगार से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों के वीजा और विजिट पास की अवधि खत्म हो चुकी थी, लेकिन वे फिर भी देश में रह रहे थे।
इमिग्रेशन एंड चेकपॉइंट्स अथॉरिटी (ICA) के अनुसार, आरोपी की पहचान कनोजिया रिकेन के रूप में हुई है। उसके साथ दो सिंगापुर नागरिकों पर भी इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, मार्च 2026 में ICA अधिकारियों ने सिंगापुर के एक फ्लैट में छापा मारा, जहां 13 भारतीय नागरिक पाए गए। इनमें 11 पुरुष और 2 महिलाएं शामिल थीं, जिनकी उम्र 19 से 44 साल के बीच थी। सभी लोग अपने विजिट पास की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से सिंगापुर में रह रहे थे।
जांच में सामने आया कि रिकेन ने दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच इन लोगों को फ्लैट में रहने की अनुमति दी थी, लेकिन उसने यह जांच नहीं की कि उनके पास वैध दस्तावेज हैं या नहीं। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में अदालत में पेश किया गया।
मामले में दो सिंगापुर नागरिकों पर भी कार्रवाई हुई है। एक व्यक्ति पर बिना वैध वर्क परमिट वाले भारतीय नागरिक को नौकरी देने का आरोप है, जबकि दूसरी महिला पर एक ऐसे भारतीय नागरिक को काम पर रखने का आरोप लगा है, जिसका शॉर्ट-टर्म विजिट पास समाप्त हो चुका था।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों भारतीय नागरिकों को बाद में सिंगापुर से डिपोर्ट कर दिया गया और दोबारा प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।





