ममता बनर्जी की कोर्ट एंट्री पर सवाल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने मांगा रिकॉर्ड

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता हाई कोर्ट में वकील की पोशाक पहनकर पेश होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने इस मामले में पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से उनकी वकालत से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है।
BCI ने 48 घंटे के भीतर ममता बनर्जी का एनरोलमेंट नंबर, बार काउंसिल में उनकी मौजूदा स्थिति, मुख्यमंत्री रहने के दौरान उनकी प्रैक्टिस पर कोई रोक या निलंबन हुआ था या नहीं, और क्या उन्होंने दोबारा वकालत शुरू करने के लिए औपचारिक प्रक्रिया पूरी की है—इन सभी जानकारियों की मांग की है। बार काउंसिल ने यह भी पूछा है कि क्या ममता बनर्जी के पास वैध Certificate of Practice है और इससे जुड़े जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।
हालांकि, BCI ने साफ किया है कि वह फिलहाल ममता बनर्जी के कोर्ट में पेश होने की वैधता पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा, बल्कि सिर्फ तथ्यों की जांच कर रहा है।
दरअसल, ममता बनर्जी हाल ही में कोलकाता हाई कोर्ट में एक मामले में खुद वकील के तौर पर पेश हुई थीं। यह मामला 2026 चुनाव नतीजों के बाद कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और कार्यालयों पर हुए हमलों से जुड़ा था। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और अदालत से सुरक्षा की मांग की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट के बाहर ममता बनर्जी को विरोध का भी सामना करना पड़ा, जहां कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। नियमों के अनुसार, जो वकील किसी संवैधानिक या बड़े सरकारी पद पर रहते हैं, उन्हें उस दौरान अपनी कानूनी प्रैक्टिस रोकनी होती है। दोबारा वकालत शुरू करने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है।
इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। BJP ने ममता बनर्जी पर चुनाव बाद हिंसा को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने विरोध को राजनीतिक साजिश बताया है। अब पश्चिम बंगाल बार काउंसिल को दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।




