बंगाल में चुनाव पर बड़ा सवाल: EVM से छेड़छाड़, वोटिंग में गड़बड़ी के आरोप, अब फिर से होगा मतदान

पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने यहां सभी पोलिंग स्टेशनों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया है।
285 बूथों पर फिर से होगी वोटिंग
चुनाव आयोग की जांच में सामने आया कि फाल्टा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं। इसके बाद 21 मई को दोबारा मतदान और 24 मई को मतगणना की तारीख तय की गई है।
EVM के बटन पर टेप लगाकर वोट रोकने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बटन पर काला टेप लगाया गया था, जिससे वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके। यह आरोप चुनाव की निष्पक्षता पर सीधे सवाल खड़े करता है।
बूथ कैप्चरिंग और धमकी के मामले
जांच में यह भी सामने आया कि कई मतदान केंद्रों पर जबरन कब्जा कर लिया गया था। असली मतदाताओं को वोट देने से रोका गया या उन्हें धमकाकर प्रभावित करने की कोशिश की गई।
परफ्यूम और स्याही से मतदाताओं की पहचान करने का दावा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ संदिग्धों ने वोटिंग यूनिट के बटन पर परफ्यूम और स्याही लगाई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसने किस उम्मीदवार को वोट दिया। यह प्रक्रिया वोट की गोपनीयता के नियमों का उल्लंघन मानी जा रही है।
CCTV फुटेज में भी कई खामियां
कई पोलिंग स्टेशनों पर वीडियो रिकॉर्डिंग में लंबे समय तक गैप पाए गए। कुछ जगहों पर स्टोरेज डिवाइस खाली मिले या उनमें असंबंधित फुटेज था। इससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
चुनाव प्रक्रिया को ‘प्रभावित’ मानते हुए बड़ा फैसला
चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने माना कि इन गड़बड़ियों के कारण पूरी मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई है और नतीजों की विश्वसनीयता संदिग्ध हो गई है। इसी आधार पर पूरे क्षेत्र में फिर से चुनाव कराने का निर्णय लिया गया।
अब आगे क्या?
फिलहाल फाल्टा सीट पर नजरें टिकी हुई हैं, जहां दोबारा मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है। यह मामला चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा मुद्दा बन गया है।





