पैसे निकालने के लिए बहन का शव लेकर बैंक पहुँचा भाई, ओडिशा की घटना ने सबको चौंकाया

ओडिशा के केओंझार जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति अपनी मृत बहन का शव लेकर बैंक पहुँच गया। इस घटना से बैंक कर्मचारी और आसपास मौजूद लोग स्तब्ध रह गए।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, 42 वर्षीय जीतू मुंडा अपनी बहन काला मुंडा के बैंक खाते से पैसे निकालना चाहता था। काला मुंडा की करीब दो महीने पहले मौत हो चुकी थी और परिवार ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया था। बताया जा रहा है कि वह अविवाहित थीं और उनका कोई सीधा वारिस नहीं था।
बैंक में पैसे निकालने में आई दिक्कत
जीतू मुंडा कई बार बैंक गया, लेकिन उसे खाते से पैसे निकालने की अनुमति नहीं मिली। कथित तौर पर बैंक कर्मचारी ने कहा कि खाताधारक की उपस्थिति जरूरी है या फिर सही दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसी बात को वह शाब्दिक रूप से ले बैठा।
ये जीतू मुंडा हैं. इनके कंधे पर इनकी बहन कालरा मुंडा का कंकाल है.
दरअसल, जीतू की बहन कालरा की 2 महीने पहले मौत हो गई.
कालरा जीतू को बता गईं कि उनके बैंक खाते में 19,300 रुपए हैं, जिसे जीतू निकाल लें.
जीतू ओडिशा ग्रामीण बैंक पहुंचे. बैंक के कर्मचारियों न कहा- जिसका खाता है उसे… pic.twitter.com/UoJi8NQMtp
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) April 28, 2026
शव लेकर बैंक पहुँचा
इसके बाद जीतू मुंडा अपने गांव लौटा और बहन के शव को कब्र से बाहर निकाल लिया। उसने शव को एक प्लास्टिक बैग में रखा और कंधे पर उठाकर बैंक पहुँच गया। बैंक में शव देखते ही हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस और अधिकारियों की कार्रवाई
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। अधिकारियों ने जीतू मुंडा को समझाया कि पैसे निकालने के लिए कानूनी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज पूरे करने होंगे। उसे आश्वासन दिया गया कि नियमों के अनुसार उसकी मदद की जाएगी।
वापस दफनाया गया शव
समझाने के बाद जीतू मुंडा अपनी बहन के शव को वापस गांव ले गया और दोबारा दफना दिया। इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
जागरूकता की कमी उजागर
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर जागरूकता की कमी को भी उजागर करती है। कई बार सही जानकारी न होने के कारण लोग ऐसे असामान्य कदम उठा लेते हैं।
प्रशासन का फोकस
पुलिस ने इस मामले में किसी आपराधिक मंशा से इनकार किया है और इसे जानकारी के अभाव से जुड़ा मामला बताया है। प्रशासन अब लोगों को सही प्रक्रिया और नियमों के बारे में जागरूक करने पर जोर दे रहा है।





