हिंद-प्रशांत में भारत की बढ़ती ताकत: INS Sunayna इंडोनेशिया के लिए रवाना

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत अपनी समुद्री रणनीति को लगातार मजबूत कर रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय नौसेना का जहाज INS Sunayna (IOS SAGAR मिशन के तहत) थाईलैंड से इंडोनेशिया के जकार्ता के लिए रवाना हो गया है। यह कदम क्षेत्रीय देशों के साथ समुद्री सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
थाईलैंड दौरे के बाद अगला पड़ाव इंडोनेशिया
जहाज ने 17 अप्रैल को Phuket से प्रस्थान किया, जहां उसने तीन दिन का महत्वपूर्ण ऑपरेशनल दौरा पूरा किया। अब यह Jakarta पहुंचेगा, जो इस मिशन का अगला पोर्ट ऑफ कॉल है।
इस दौरान भारतीय नौसेना और Royal Thai Navy के बीच कई संयुक्त गतिविधियां हुईं, जिससे दोनों देशों के बीच समुद्री साझेदारी और मजबूत हुई।
साझा अभ्यास और सांस्कृतिक गतिविधियां
थाईलैंड में तैनाती के दौरान कई तरह की प्रोफेशनल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं। इसमें नौसेना कर्मियों के बीच फुटबॉल मैच, योग सत्र और एक औपचारिक डेक रिसेप्शन शामिल रहा, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
जहाज को आम लोगों के लिए भी खोला गया, जिससे “पीपल-टू-पीपल कनेक्ट” को बढ़ावा मिला।
समुद्री सुरक्षा में बढ़ी तालमेल
इस मिशन के दौरान भारतीय नौसेना ने HTMS Klongyai के साथ PASSEX (पासेज एक्सरसाइज) भी की। इसमें कम्युनिकेशन ड्रिल और फॉर्मेशन मूवमेंट जैसे अभ्यास शामिल थे, जिससे दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।
MAHASAGAR विजन को मिल रहा बढ़ावा
यह पूरा अभियान भारत के MAHASAGAR विजन (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ना है।
समुद्र में भी हुआ उन्नत प्रशिक्षण
इंडोनेशिया पहुंचने से पहले समुद्र में भी कई अहम ट्रेनिंग गतिविधियां की गईं। इसमें एडवांस सिग्नलिंग, टैक्टिकल मूवमेंट, छोटे हथियारों की फायरिंग, और फायरफाइटिंग व डैमेज कंट्रोल ड्रिल शामिल थीं।
INS सुनयना की यह तैनाती भारत की बढ़ती समुद्री ताकत और कूटनीतिक पहुंच का संकेत है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत न सिर्फ अपनी सुरक्षा क्षमता बढ़ा रहा है, बल्कि सहयोग और साझेदारी के जरिए क्षेत्रीय स्थिरता को भी मजबूत कर रहा है।





