महिला आरक्षण बिल पर घमासान: PM मोदी का ममता बनर्जी और TMC पर बड़ा आरोप

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महिला आरक्षण बिल को लेकर Mamata Banerjee और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC ने बंगाल की महिलाओं के साथ “विश्वासघात” किया है और संसद में 33% आरक्षण का विरोध किया।
“बंगाल की बहनों के साथ विश्वासघात”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल की महिलाएं लंबे समय से राजनीति में अधिक भागीदारी चाहती थीं और केंद्र सरकार ने 33% आरक्षण सुनिश्चित करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC और कांग्रेस ने मिलकर इस कानून को पास होने से रोक दिया।
उन्होंने कहा कि TMC नहीं चाहती कि बंगाल की अधिक बेटियां विधायक और सांसद बनें, क्योंकि इससे उनकी राजनीति को चुनौती मिलेगी।
संसद में नहीं पास हो पाया बिल
महिला आरक्षण बिल संसद में पारित नहीं हो सका क्योंकि इसे पास करने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया। लोकसभा में NDA को 298 वोट मिले, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया।
इस मुद्दे पर राजनीति और तेज हो गई है, जहां एक ओर सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इस बिल के स्वरूप और समय पर सवाल उठा रहा है।
बीजेपी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि देशभर की महिलाएं बीजेपी पर भरोसा करती हैं और सरकार महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने “विकसित भारत” के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को अहम बताया और अधिक से अधिक महिलाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने की बात कही।
TMC का जवाब: महिलाओं की भागीदारी में हम आगे
प्रधानमंत्री के आरोपों पर जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के प्रतिनिधित्व में आगे है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा और राज्य विधानसभा में उनकी पार्टी में महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा है।
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी हमेशा महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने के पक्ष में रही है और आरोप निराधार हैं।
राजनीति में महिलाओं की भूमिका पर बहस तेज
महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। एक ओर सरकार इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रहा है।
आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी राजनीति का भी बड़ा केंद्र बन सकता है, खासकर पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जहां महिला मतदाता बड़ी संख्या में हैं।





