ईडी का बड़ा एक्शन: ‘गॉडमैन’ अशोक खरात के ठिकानों पर छापेमारी

मुंबई: ईडी की मुंबई जोनल ऑफिस-II ने सोमवार को महाराष्ट्र में खुद को ‘गॉडमैन’ बताने वाले Ashok Kharat और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई PMLA (Prevention of Money Laundering Act), 2002 के तहत की गई।
ईडी की जांच 6 अप्रैल 2026 को दर्ज ECIR के आधार पर शुरू हुई, जो नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ी है। इस मामले में जबरन वसूली, धार्मिक धोखाधड़ी और महिलाओं सहित पीड़ितों के साथ नशीले पदार्थ देकर हमले जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अशोक खरात ने नासिक में कई बैंक खाते खोले थे, जो सहकारी क्रेडिट सोसाइटी के जरिए तीसरे लोगों के नाम पर चलाए जा रहे थे। हालांकि, इन खातों पर उनका ही नियंत्रण था। जांच में यह भी पाया गया कि उनका मोबाइल नंबर इन खातों से जुड़ा हुआ था, जिससे वे लेन-देन को नियंत्रित करते थे।
ईडी सूत्रों के अनुसार, आरोपी लोगों को साधारण चीजों को “चमत्कारी” या “आशीर्वादित” बताकर बेचता था और दावा करता था कि इनमें इलाज करने की शक्ति है। इस तरह से जुटाए गए पैसे और कथित वसूली की रकम को जमीन खरीदने में लगाया गया, जिसमें उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश पोंफले और उनके परिवार के सदस्यों की भूमिका सामने आई है।
फिलहाल ईडी की टीम अशोक खरात, प्रकाश पोंफले और उनके रिश्तेदारों से जुड़े कई ठिकानों पर जांच कर रही है। इस कार्रवाई के तहत कुल 11 जगहों पर छापेमारी हो रही है, जिनमें नासिक, पुणे और शिर्डी के घर, दफ्तर और सहकारी संस्थाओं की शाखाएं शामिल हैं।





