पाकिस्तान की मध्यस्थता पर इज़राइल को शक, बोला ‘विश्वसनीय नहीं’

इज़राइल के भारत में राजदूत Reuven Azar ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सीज़फायर बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान इस मामले में “विश्वसनीय खिलाड़ी” नहीं है।
अमेरिका अपने हित से कर सकता है इस्तेमाल
अज़ार ने कहा कि अमेरिका अपनी रणनीति के तहत पाकिस्तान का इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन इज़राइल के लिए सबसे अहम उसकी सुरक्षा और उसके हित हैं। उनका कहना था कि किसी भी बातचीत का परिणाम ऐसा होना चाहिए जो इज़राइल की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करे।
पहले भी विवादित देशों के साथ काम कर चुका है अमेरिका
अज़ार ने यह भी कहा कि इससे पहले Donald Trump के दौर में अमेरिका ने कतर और तुर्की जैसे देशों के साथ मिलकर गाजा में संघर्षविराम कराने की कोशिश की थी, जिन्हें उन्होंने “समस्याग्रस्त” देश बताया।
लेबनान में हिज़्बुल्लाह पर फोकस
इज़राइल का कहना है कि उसका मुख्य लक्ष्य लेबनान के दक्षिणी हिस्से से हिज़्बुल्लाह को खत्म करना है। अज़ार ने कहा कि लेबनान की सरकार को खुद आगे आकर हिज़्बुल्लाह के ढांचे को खत्म करना चाहिए, ताकि इज़राइल के उत्तरी इलाकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सीज़फायर पर समर्थन, लेकिन शर्तों के साथ
अमेरिका-ईरान सीज़फायर पर अज़ार ने कहा कि बातचीत होना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इज़राइल के लिए ईरान का परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल क्षमता अब भी बड़ा खतरा है। इसलिए किसी भी समझौते में इन मुद्दों का समाधान जरूरी है।
लेबनान अलग मुद्दा
अज़ार ने साफ किया कि लेबनान में चल रही इज़राइल की सैन्य कार्रवाई, ईरान के साथ हो रहे सीज़फायर से अलग है। इसी बात को Benjamin Netanyahu और ट्रंप भी पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है।
तनाव बना हुआ है
इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में इज़राइल के हमले जारी रहे, तो इससे यह नाजुक सीज़फायर प्रभावित हो सकता है। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में भी तनाव बढ़ने का खतरा बना हुआ है।





