NASA का Artemis II मिशन: चंद्रमा की परिक्रमा के बाद पृथ्वी पर वापसी के लिए तैयार

अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए, नासा का आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन अपनी 10 दिवसीय चंद्र यात्रा पूरी कर पृथ्वी पर लौटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह मिशन न केवल नासा के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि यह दशकों बाद इंसानों को चंद्रमा के करीब ले जाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
शुक्रवार को होगा ‘स्प्लैशडाउन’
नासा के अनुसार, आर्टेमिस II अंतरिक्ष यान शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को कैलिफोर्निया के तट के पास प्रशांत महासागर में उतरेगा (Splashdown)। भारतीय समयानुसार यह प्रक्रिया 11 अप्रैल की सुबह लगभग 5:37 बजे होगी। नासा ने आश्वासन दिया है कि रिकवरी के समय हवा, लहरों और बारिश की स्थिति अनुकूल रहने का अनुमान है, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकेगी।
मिशन की सफलता और महत्वपूर्ण परीक्षण
ओरियन (Orion) के डिप्टी प्रोग्राम मैनेजर डेबी कोर्थ ने बताया कि वर्तमान में सभी ऑपरेशंस ‘नॉमिनल’ और उत्कृष्ट स्थिति में हैं। शुक्रवार को होने वाले परीक्षण में आर्टेमिस I की तुलना में ‘शॉर्टर री-एंट्री रेंज’ (Shorter re-entry range) का परीक्षण किया जाएगा। गुरुवार को क्रू मेंबर्स क्रू मॉड्यूल के स्वास्थ्य का बाहरी सर्वेक्षण (External survey) भी करेंगे।
क्यों खास है Aretemis II?
- आर्टेमिस II मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं जिन्होंने चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ओरियन अंतरिक्ष यान के लाइफ-सपोर्ट सिस्टम और मनुष्यों के साथ गहरे अंतरिक्ष में काम करने की क्षमता का परीक्षण करना है। इसकी सफलता के बाद ही नासा आर्टेमिस III मिशन के जरिए चंद्रमा की सतह पर इंसानों को उतारने की योजना बनाएगा।
दुनिया भर की निगाहें अब प्रशांत महासागर में होने वाले इस ऐतिहासिक ‘स्प्लैशडाउन’ पर टिकी हैं।





