भारत

गुजरात पर टिप्पणी से मचा बवाल, खरगे ने दी सफाई

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केरल में दिए अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका किसी भी राज्य, खासकर गुजरात के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि गुजरात के लोगों के प्रति उनके मन में हमेशा सम्मान रहा है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह मामला तब सामने आया जब खरगे ने केरल के इडुक्की में एक चुनावी रैली के दौरान वहां के लोगों की तारीफ की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर निशाना साधते हुए कहा कि वे कम पढ़े-लिखे लोगों को आसानी से प्रभावित कर सकते हैं, जैसा कि गुजरात और कुछ अन्य जगहों पर होता है। इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया।

भाजपा ने किया विरोध
खरगे के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के नेताओं ने इसे अपमानजनक बताया। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह कांग्रेस की “बांटो और राज करो” वाली सोच को दिखाता है। वहीं वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने भी बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महात्मा गांधी, सरदार पटेल और मोरारजी देसाई जैसे नेता भी कम पढ़े-लिखे थे?

शशि थरूर की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा का स्तर गिरता जा रहा है और नेताओं को अपने शब्दों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

अब चुनाव से पहले खरगे ने इस बयान पर खेद जताते हुए विवाद को शांत करने की कोशिश की है। बता दें कि केरल की 140 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होना है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button