वैश्विक तेल रूट पर टोल की बात ठुकराई, ओमान ने साफ किया रुख

मस्कट: ओमान ने ईरान के उस प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने की बात कही गई थी। ओमान ने कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया जा सकता।
दरअसल, ईरान ने अपने 10 बिंदुओं वाले सीज़फायर प्रस्ताव में यह सुझाव दिया था कि ईरान और ओमान दोनों इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूल सकते हैं। लेकिन ओमान के परिवहन मंत्री ने इसे खारिज करते हुए कहा कि पहले से मौजूद अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत यहां जहाजों की आवाजाही पूरी तरह मुक्त और सुरक्षित है।
करीब 34 किलोमीटर चौड़ा होर्मुज़ जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है और इसे दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है। वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। अब तक किसी भी देश ने यहां से गुजरने वाले जहाजों पर कोई शुल्क नहीं लगाया है।
ईरान का कहना है कि हाल ही में हुए युद्ध में उसके कई सैन्य, प्रशासनिक और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचा है, इसलिए इस तरह की फीस से पुनर्निर्माण में मदद मिल सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान अलग-अलग जहाजों और उनके माल के आधार पर अलग-अलग शुल्क तय करना चाहता था।
इससे पहले ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा था कि ईरान और ओमान मिलकर एक नया नियम बना रहे हैं, जिसके तहत जहाजों को यहां से गुजरने के लिए अनुमति लेनी होगी।
हालांकि, ओमान ने दोहराया है कि वह इस जलडमरूमध्य से बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित करेगा, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।





