आगरा में 24 घंटे में सुलझी हत्या, QR कोड बना बड़ा सुराग

आगरा में एक सनसनीखेज हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस केस को सुलझाने में मौके से मिले एक QR कोड ने अहम सुराग दिया। यह मामला 1 अप्रैल को सामने आया, जब सैंया इलाके में एक आधा जला हुआ शव मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान उसके चेहरे से नहीं हो सकी, लेकिन हाथ पर बने टैटू के जरिए उसकी पहचान लोकेन्द्र के रूप में हुई।
परिजनों ने बताया कि लोकेन्द्र आखिरी बार महेश प्रजापति के साथ देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच के लिए पांच टीमें बनाई और मौके से मिले सबूतों की जांच शुरू की। घटनास्थल से शराब की बोतलें और कुछ कागज मिले।
जांच में बड़ा सुराग तब मिला जब पुलिस ने एक शराब की बोतल पर लगे QR कोड को स्कैन किया। इससे पास की एक दुकान का पता चला। वहां लगे CCTV फुटेज में लोकेन्द्र, महेश और एक अन्य आरोपी धर्मवीर के साथ नजर आया, जो उसकी आखिरी लोकेशन साबित हुई।
इसके बाद पुलिस ने तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लोकेन्द्र की पत्नी का महेश के साथ अवैध संबंध था। जब लोकेन्द्र को इस बारे में पता चला और उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, लोकेन्द्र को शराब पीने के बहाने एक सुनसान खेत में बुलाया गया, जहां महेश और धर्मवीर ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने इस मामले में लोकेन्द्र की पत्नी समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि तेज कार्रवाई और तकनीकी जांच की मदद से केस को जल्दी सुलझा लिया गया।





