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AAP का बड़ा एक्शन: राघव चड्ढा हटे, अशोक मित्तल बने नए डिप्टी लीडर

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में बड़ा बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है। उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक जानकारी भी भेज दी गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी ने यह भी कहा है कि अब राघव चड्ढा को सदन में बोलने का समय न दिया जाए। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब चड्ढा काफी समय से पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय नजर नहीं आ रहे थे।

लंबे समय से खामोशी पर सवाल

बताया जा रहा है कि राघव चड्ढा हाल के कई अहम मुद्दों और पार्टी के कार्यक्रमों में नजर नहीं आए। खासकर दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को राहत मिलने के बाद भी उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके अलावा वे पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंतर-मंतर पर हुई जनसभा में भी शामिल नहीं हुए।

पार्टी में अहम भूमिका निभा चुके हैं चड्ढा

37 साल के राघव चड्ढा पार्टी के शुरुआती नेताओं में से एक हैं और उन्हें अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता है। वे पहले पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सलाहकार भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे पंजाब के सह-प्रभारी भी हैं।

पहले भी उठे थे सवाल

यह पहली बार नहीं है जब राघव चड्ढा की गैरमौजूदगी पर सवाल उठे हैं। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले, जब केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई थी, तब भी चड्ढा ने अपनी आंख की सर्जरी का हवाला देते हुए देरी से प्रतिक्रिया दी थी।

क्या है संकेत?

पार्टी के इस फैसले को AAP की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे राज्यसभा में पार्टी की भूमिका को और मजबूत और नियंत्रित किया जा सके। राघव चड्ढा को पद से हटाना AAP के अंदर बदलाव और नई दिशा का संकेत देता है। आने वाले समय में इसके राजनीतिक मायने और साफ हो सकते हैं।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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