HDFC बैंक में बड़ा बदलाव: अतनु चक्रवर्ती ने दिया इस्तीफा, केकी मिस्त्री बने अंतरिम चेयरमैन

देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक HDFC बैंक में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बैंक के अंतरिम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह कुछ ऐसी गतिविधियों को बताया, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थीं। उनके इस्तीफे के बाद अब केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
चक्रवर्ती ने 2021 में HDFC बैंक जॉइन किया था और अपने कार्यकाल में उन्होंने कई अहम फैसलों में भूमिका निभाई, जिसमें HDFC Ltd के साथ करीब 40 अरब डॉलर का बड़ा मर्जर भी शामिल है। उनके अचानक इस्तीफे से निवेशकों में हलचल देखी गई और बैंक के अमेरिकी शेयर (ADR) में लगभग 3% की गिरावट आई। हालांकि, बैंक प्रबंधन का कहना है कि इस्तीफे के पीछे कोई बड़ा ऑपरेशनल या गवर्नेंस से जुड़ा मुद्दा नहीं है।
अपने इस्तीफे में चक्रवर्ती ने पिछले दो सालों में कुछ “घटनाओं और प्रक्रियाओं” का जिक्र किया, जो उनकी नैतिकता के अनुसार नहीं थीं, लेकिन उन्होंने इन बातों को विस्तार से नहीं बताया। इससे बाजार में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
बैंक ने सफाई देते हुए कहा है कि इस्तीफे के अलावा कोई और वजह नहीं बताई गई है और बैंक की गवर्नेंस और कामकाज पूरी तरह मजबूत है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब बैंक HDFC Ltd के साथ हुए मर्जर के बाद अपनी प्रक्रियाओं को पूरी तरह से एकीकृत करने में लगा है।
कौन हैं केकी मिस्त्री?
केकी मिस्त्री भारत के बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर का एक बड़ा और सम्मानित नाम हैं। उनके पास 40 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत AF Ferguson & Co से की थी। वर्ष 1981 में उन्होंने HDFC Ltd जॉइन किया और धीरे-धीरे कंपनी में ऊंचे पदों तक पहुंचे। वह 2010 से 2023 तक HDFC Ltd के वाइस-चेयरमैन और CEO रहे।
उन्होंने HDFC को एक मजबूत वित्तीय संस्थान बनाने में अहम भूमिका निभाई और HDFC बैंक, HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी और HDFC लाइफ जैसी संस्थाओं को खड़ा करने में भी योगदान दिया। मर्जर के बाद जून 2023 में वह HDFC बैंक के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए थे।
अनिश्चितता के बीच स्थिरता की उम्मीद
केकी मिस्त्री की नियुक्ति को बैंक में स्थिरता बनाए रखने के लिए अहम कदम माना जा रहा है। उनका लंबा अनुभव और HDFC समूह के साथ जुड़ाव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है। उन्होंने SEBI समेत कई नियामक और सलाहकार समितियों में भी काम किया है और देश के वित्तीय ढांचे को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।
बैंक में ‘कोई बड़ी समस्या नहीं’
पद संभालते ही मिस्त्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि बैंक में कोई बड़ी समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि चक्रवर्ती का इस्तीफा प्रदर्शन या गवर्नेंस से जुड़ा नहीं है और बोर्ड के सामने कोई गंभीर मुद्दा नहीं रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े संगठनों में छोटे-मोटे मतभेद होना सामान्य बात है और इसे किसी बड़े विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मिस्त्री की नियुक्ति को तीन महीने के लिए मंजूरी दी है। इस दौरान बैंक एक स्थायी चेयरमैन की तलाश करेगा।





