
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी (LPG) टैंकर ‘नंदा देवी’ मंगलवार को गुजरात के वाडिनार पोर्ट पर सुबह करीब 11:25 बजे पहुंच गया। अधिकारियों के मुताबिक यह इस हफ्ते पश्चिमी तट पर पहुंचने वाला दूसरा एलपीजी जहाज है। इससे पहले ‘शिवालिक’ नाम का टैंकर सोमवार को मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच चुका है।
दोनों जहाज भारत के लिए जरूरी एलपीजी की खेप लेकर आए हैं। ये जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होकर भारत पहुंचे हैं, जहां हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है।
बंदरगाहों को दिए गए विशेष निर्देश
कांडला पोर्ट प्रशासन ने सोमवार को निर्देश जारी करते हुए कहा कि एलपीजी लेकर आने वाले जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर बंदरगाह पर जगह दी जाए, ताकि उनका सामान जल्दी उतारा जा सके और देश में गैस की सप्लाई में किसी तरह की बाधा न आए।
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी ने अपने सर्कुलर में बताया कि पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने भी सभी बंदरगाहों को एलपीजी जहाजों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि देशभर में घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रह सके।
पहले मुंद्रा पहुंचा था ‘शिवालिक’
इससे पहले ‘शिवालिक’ नाम का टैंकर कतर से करीब 46 हजार टन एलपीजी लेकर नौ दिन की यात्रा के बाद सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। पोर्ट अधिकारियों ने पहले से ही कागजी प्रक्रिया और डॉकिंग की व्यवस्था कर दी थी, ताकि जहाज के पहुंचते ही गैस उतारने का काम तुरंत शुरू किया जा सके।
ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम हैं ये जहाज
अधिकारियों के मुताबिक ये जहाज भारत की एलपीजी आपूर्ति को मजबूत करने के प्रयास का हिस्सा हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है, इसलिए ऐसे समय में इन जहाजों का सुरक्षित पहुंचना बेहद अहम माना जा रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में फंसे थे कई जहाज
इन जहाजों के भारत पहुंचने से पहले खाड़ी क्षेत्र में कई भारतीय जहाज और सैकड़ों नाविक फंसे हुए थे। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग कंपनियां और बीमा कंपनियां समुद्री रास्तों को लेकर सावधानी बरत रही थीं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल पर्शियन गल्फ में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 611 भारतीय नाविक सवार हैं।
भारतीय समुद्री अधिकारियों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और हाल के दिनों में किसी भारतीय जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
इस बीच एक और जहाज ‘जग लाड़की’, जो यूएई से करीब 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है, रास्ते में है और जल्द ही भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है।





