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मध्य पूर्व तनाव के बीच अमेरिका ने ‘डूम्सडे मिसाइल’ Minuteman-III का किया परीक्षण

मध्य पूर्व में जारी बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) Minuteman-III का नियमित परीक्षण किया। इसे अक्सर इसकी विनाशकारी क्षमता के कारण “डूम्सडे मिसाइल” भी कहा जाता है। अमेरिकी स्पेस फोर्स के मुताबिक यह बिना हथियार वाली मिसाइल मंगलवार रात कैलिफोर्निया के Vandenberg Space Force Base से लॉन्च की गई। मिसाइल में दो टेस्ट री-एंट्री व्हीकल लगाए गए थे और यह हजारों मील की दूरी तय करने के बाद मार्शल आइलैंड्स के पास तय किए गए लक्ष्य क्षेत्र में जाकर गिरी।

अधिकारियों ने साफ किया कि यह परीक्षण कई साल पहले तय किए गए कार्यक्रम का हिस्सा था और इसका मौजूदा ईरान से जुड़े संघर्ष से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह परीक्षण अमेरिका के जमीन से लॉन्च होने वाले परमाणु हथियार सिस्टम की क्षमता और तैयारी को जांचने के लिए किया जाता है।

576वें फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन की कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी व्रे ने कहा कि ऐसे परीक्षणों से यह सुनिश्चित होता है कि अमेरिका की ICBM मिसाइलें भरोसेमंद और प्रभावी बनी रहें। यह सिस्टम अमेरिकी न्यूक्लियर ट्रायड का अहम हिस्सा है।

क्या है Minuteman-III मिसाइल?

Minuteman-III एक साइलो-आधारित इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है, जो महाद्वीपों के पार मौजूद लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। इसकी रफ्तार 15,000 मील प्रति घंटे से ज्यादा होती है और इसकी मारक क्षमता लगभग 6,000 मील तक बताई जाती है।

यह मिसाइल एक साथ कई स्वतंत्र लक्ष्य भेदने वाले री-एंट्री व्हीकल (MIRV) ले जाने में सक्षम है, हालांकि मौजूदा हथियार नियंत्रण समझौतों के तहत इसमें फिलहाल एक ही वॉरहेड रखा जाता है। इसकी जबरदस्त विनाशकारी शक्ति की वजह से इसे “डूम्सडे मिसाइल” कहा जाता है। बताया जाता है कि इसकी ताकत द्वितीय विश्व युद्ध में हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से भी कई गुना ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है।

मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव

यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान ने गुरुवार को इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद लाखों लोगों को सुरक्षित ठिकानों में शरण लेनी पड़ी। यह हमला अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरानी ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद हुआ। वहीं वॉशिंगटन में अमेरिकी सीनेट में ईरान के खिलाफ आगे सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव 53-47 वोट से खारिज हो गया, जिससे राष्ट्रपति के युद्ध संबंधी अधिकारों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

इस बीच समुद्र में भी टकराव बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट के पास ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 80 नाविकों की मौत हुई। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहला मौका माना जा रहा है जब किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने किसी सतह पर मौजूद युद्धपोत को निशाना बनाया।

अमेरिका की रणनीतिक ताकत का संकेत

हालांकि Minuteman-III का यह परीक्षण पहले से तय कार्यक्रम के तहत किया गया था, लेकिन मौजूदा हालात में इसका समय अमेरिका की रणनीतिक ताकत और उसकी परमाणु निरोधक क्षमता को भी दिखाता है।

यह मिसाइल अमेरिका की परमाणु रणनीति का अहम स्तंभ मानी जाती है और जरूरत पड़ने पर तेज प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रदान करती है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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