ईरान संकट पर सरकार की चुप्पी पर राहुल गांधी का हमला, बोले– भारत की साख दांव पर

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित हत्या को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भारत की चुप्पी दुनिया में उसकी साख को कमजोर कर सकती है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच राहुल गांधी ने कहा कि ईरान पर एकतरफा हमलों और उसके जवाबी सैन्य कार्रवाई—दोनों की स्पष्ट शब्दों में निंदा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं, इस संकट के कारण अनिश्चितता में जी रहे हैं।
‘पीएम मोदी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या भारत ऐसे कदमों का समर्थन करता है। उन्होंने लिखा कि क्या किसी देश के प्रमुख की हत्या को विश्व व्यवस्था तय करने का तरीका माना जा सकता है? इस समय चुप रहना भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए ठीक नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति की बात
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संप्रभुता और शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांतों पर आधारित रही है और इसे उसी राह पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाने की जरूरत बताई।
राहुल गांधी ने क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और केंद्र सरकार से सक्रिय कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंसा से हिंसा ही जन्म लेती है, इसलिए बातचीत और संयम ही शांति का एकमात्र रास्ता है।
बढ़ते तनाव से वैश्विक चिंता
गौरतलब है कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। जवाब में ईरान की ओर से भी हमले किए जा रहे हैं। इस टकराव का असर वैश्विक सुरक्षा और तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं, जैसे भारत, पर भी पड़ सकता है।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में भारत की विदेश नीति और पश्चिम एशिया के मुद्दे पर सरकार के रुख को लेकर बहस तेज हो गई है।





