पाक-अफगान जंग: रात भर चले हमलों में 55 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक ढेर, 8 सेक्टरों में भड़की लड़ाई

काबुल/इस्लामाबाद. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव अब खुली जंग का रूप ले चुका है. बीती रात अफगान सेना ने पाकिस्तान पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए, जिसमें अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि 55 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, कई घायल हुए और 19 सैन्य चौकियां पूरी तरह तबाह कर दी गईं.
रात 9 से 1 बजे तक चला हमला, 6 सेक्टर बने निशाना
अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के मुताबिक यह हमला भारतीय समयानुसार रात 9 बजे शुरू हुआ और तड़के 1 बजे तक चला. इसमें मोर्टार, आर्टिलरी, टैंक और मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया. हमले पक्तिया-खुर्रम, कुनार-बाजौर, नंगरहार-खैबर तोरखम, खोस्त-मीरान शाह, पक्तिका-दक्षिण वजीरिस्तान और नूरिस्तान-डिर बॉर्डर — कुल 6 सेक्टरों में एक साथ किए गए.
यह ऑपरेशन अफगानिस्तान की 203 मंसूरी कोर और 201 खालिद बिन वालिद कोर ने संयुक्त रूप से चलाया. सेना प्रमुख मुहम्मद फसीहुद्दीन फिसरत पूरे ऑपरेशन के दौरान कंट्रोल रूम में मौजूद रहे. अफगान दावे के अनुसार कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा भी पकड़ा गया.
सुबह होते-होते 8 सेक्टरों में पहुंची जंग
सुबह 5:30 बजे अफगान सेना ने स्पिन बोल्डक-चमन और हेलमंद-बारामचा बॉर्डर पर भी मोर्चा खोल दिया, जिससे अब कुल 8 सेक्टरों में सक्रिय लड़ाई जारी है. अफगानिस्तान ने दावा किया है कि इन हमलों में उसके केवल 8 सैनिक शहीद हुए और 13 घायल हुए.
21 फरवरी से शुरू हुई थी यह जंग
यह संघर्ष 21 फरवरी 2026 को तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में TTP/ISKP के ठिकानों पर हमले किए, जिसमें अफगानिस्तान ने नागरिक हताहत होने का आरोप लगाया. इसके बाद 26 फरवरी की रात अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक से पलटवार किया.
दुरंद लाइन पर यह विवाद पुराना है, लेकिन अब इसने पूर्ण युद्ध का रूप ले लिया है. उल्लेखनीय है कि कतर की मध्यस्थता से पिछले साल दोनों देशों के बीच एक सीजफायर हुआ था, जो अब टूट चुका है. फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.





