ED ने अनिल अंबानी को घेरा: बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 घंटे पूछताछ

देश के वरिष्ठ उद्योगपति अनिल धीरुभाई अंबानी आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने लगभग 9 घंटे तक पूछताछ के लिए पेश हुए। यह पूछताछ रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हो रही है।
ED ने क्यों बुलाया अनिल अंबानी को?
अनिल अंबानी पर आरोप हैं कि उनकी कंपनियों ने ₹40,000 करोड़ से अधिक के बैंक ऋण घोटाले में शामिल धन का अवैध संचलन किया। ED ने इस मामले में उन्हें Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया।
यह उनकी दूसरी पूछताछ थी; पहली बार अगस्त 2025 में ED ने उन्हें Yes Bank ऋण घोटाले के सिलसिले में तलब किया था। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) भी बनाई गई है, जिसकी स्थापना सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई।
‘Abode’ अटैच संपत्ति पर कार्रवाई
ED ने आज अंबानी के मुंबई स्थित आलीशान घर ‘Abode’ को ₹3,716 करोड़ की कीमत में अटैच कर दिया। यह कार्रवाई PMLA के तहत की गई और इसका मकसद अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों के खिलाफ वित्तीय जांच को मजबूत करना है। इससे पहले भी ED और CBI ने अंबानी की कई अन्य संपत्तियों और बैंक खातों पर कार्रवाई की है।
CBI ने दर्ज किया नया मामला
सिर्फ ED ही नहीं, बल्कि CBI ने भी नया आपराधिक मामला दर्ज किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि अंबानी और RCOM ने ₹2,220 करोड़ से अधिक के बैंक धन का ग़लत इस्तेमाल और फैलाव किया। CBI ने इस सिलसिले में अंबानी और उनकी कंपनियों के कार्यालयों पर भी तलाशी ली।
अनिल अंबानी की प्रतिक्रिया
पूछताछ के दौरान अंबानी ने अपना पक्ष रखा, हालांकि आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ। अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी आवश्यक दस्तावेज़ और बैंक रिकॉर्ड जमा कराए जा रहे हैं।





