सेवा तीर्थ परिसर में शुरू हुआ नया प्रधानमंत्री कार्यालय, PM मोदी ने किया उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इस नए परिसर में अब प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय एक ही स्थान पर कार्य करेंगे। उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ परिसर में लगी शिलापट्टिका का अनावरण किया। परिसर की दीवार पर देवनागरी लिपि में ‘सेवा तीर्थ’ लिखा है और उसके नीचे आदर्श वाक्य ‘नागरिक देवो भव’ अंकित है, जिसका अर्थ है कि नागरिक ही सर्वोपरि हैं।
अब प्रधानमंत्री कार्यालय दक्षिण ब्लॉक, रायसीना हिल से स्थानांतरित होकर सेवा तीर्थ परिसर में आ जाएगा। इससे पहले प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रिमंडल सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय अलग-अलग स्थानों पर कार्य कर रहे थे। इस मौके पर आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों के अनुसार, वर्ष दो हजार चौदह के बाद से सरकार लगातार देश की औपनिवेशिक सोच से जुड़े प्रतीकों को बदलने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री कार्यालय को अब सेवा तीर्थ कहा जाएगा, केंद्रीय सचिवालय की इमारतों का नाम कर्तव्य भवन रखा गया है और राजपथ को कर्तव्य पथ नाम दिया गया है।
इसी भावना के तहत रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया गया है, जबकि राज भवन और राज निवास को क्रमशः लोक भवन और लोक निवास कहा जाने लगा है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह उद्घाटन देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव है और यह आधुनिक, प्रभावी, सुगम और नागरिक केंद्रित शासन व्यवस्था के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कई दशकों से केंद्र सरकार के अहम कार्यालय और मंत्रालय अलग-अलग और पुरानी इमारतों में काम कर रहे थे, जिससे कामकाज में दिक्कतें, तालमेल की कमी और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा था। नया सेवा तीर्थ परिसर इन सभी समस्याओं का समाधान करेगा और अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराएगा।





