भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार में ऐतिहासिक उछाल

भारत और अमेरिका के बीच हुए अहम व्यापार समझौते के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने ऐतिहासिक तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। मजबूत वैश्विक संकेतों और निवेशकों के बढ़े भरोसे के चलते बाजार खुलते ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस समझौते से जुड़े सकारात्मक माहौल का असर शुरुआती कारोबार में साफ दिखाई दिया।
कारोबार शुरू होते ही निफ्टी 50 में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और यह 1,219 अंकों की तेजी के साथ 26,308 के स्तर पर खुला। वहीं बीएसई सेंसेक्स 3,656 अंकों की बढ़त के साथ 85,323 पर पहुंच गया। बाजार की यह मजबूती व्यापक खरीदारी और बेहतर वैश्विक संकेतों के कारण मानी जा रही है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए गेम चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करना एक बड़ा फैसला है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
उनके मुताबिक इस समझौते का असर कई स्तरों पर दिखेगा। वित्त वर्ष 2027 में भारत की विकास दर करीब 7.5 फीसदी तक पहुंच सकती है, कंपनियों की कमाई में तेज सुधार हो सकता है और रुपये में भी मजबूती आने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील, यूरोपियन यूनियन के साथ समझौता और विकासोन्मुख बजट मिलकर बाजार की धारणा को और मजबूत करेंगे।
बाजार की तेजी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 100, निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में चार फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह साफ हुआ कि निवेशकों का भरोसा पूरे बाजार में फैला हुआ है।
सेक्टरल स्तर पर भी लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में नजर आए। आईटी और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई, जबकि फार्मा, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी का रुझान बना रहा।
व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो वेदांता और हिंदुस्तान जिंक जैसे मेटल शेयरों में तेजी देखी गई। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में बैंकिंग, आईटी, टेलीकॉम और कैपिटल गुड्स सेक्टर के बड़े शेयर बाजार की अगुवाई कर सकते हैं।
एनरिच मनी के सीईओ पोन्मुडी आर ने कहा कि टैरिफ में कटौती से वैश्विक निवेशकों की धारणा में सुधार आया है और इसी का असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सकारात्मक वैश्विक संकेत हाल के बजट के बाद आई अस्थिरता को पीछे छोड़ने में मदद कर रहा है।
कमोडिटी बाजार में भी तेजी का माहौल देखने को मिला। एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में करीब दो फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में करीब छह फीसदी का उछाल आया। इससे साफ है कि निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
निवेश के मोर्चे पर हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने एक दिन पहले बाजार में बिकवाली की थी, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने बाजार को मजबूत सहारा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में बाजार की दिशा सकारात्मक बनी रह सकती है और आने वाले समय में नए रिकॉर्ड बन सकते हैं।





