जम्मू-कश्मीर: बर्फीले इलाके में फंसे 60 लोगों को BRO ने सुरक्षित निकाला, सड़क संपर्क बहाल

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारी बर्फबारी के बीच फंसे 60 लोगों को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। इनमें राष्ट्रीय राइफल्स (RR) के 40 जवान शामिल थे। रक्षा प्रवक्ता ने मंगलवार (27 जनवरी 2026) को इसकी जानकारी दी। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, यह हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू और सड़क बहाली अभियान प्रोजेक्ट संपर्क के तहत चटरगला पास में चलाया गया। यह इलाका भद्रवाह-चटरगला मार्ग पर करीब 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। भारी बर्फबारी के कारण यहां सड़क पूरी तरह बंद हो गई थी और कई लोग फंस गए थे।
उन्होंने बताया कि 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (BRTF) की 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC) ने 24 जनवरी को ऑपरेशन शुरू किया। एक दिन पहले हुई लगातार करीब 40 घंटे की भारी बर्फबारी से सड़क पर 5 से 6 फीट तक बर्फ जम गई थी। BRO की टीम ने करीब 38 किलोमीटर लंबी सड़क से बर्फ हटाई।
25 जनवरी की शाम तक मार्ग खोल दिया गया, जिससे 20 नागरिकों और 4 राष्ट्रीय राइफल्स के 40 जवानों को उनके हथियारों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित निकाला जा सका। यह पूरा रेस्क्यू अभियान 26 जनवरी की सुबह तक पूरा कर लिया गया और इस दौरान कोई भी हताहत नहीं हुआ। प्रवक्ता ने कहा कि यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण मौसम और ऊंचाई वाले इलाके में चलाया गया, जो BRO कर्मियों की पेशेवर क्षमता और समर्पण को दर्शाता है। इस ऑपरेशन में सेना के साथ भी पूरा तालमेल रखा गया, जिससे क्षेत्र में संचार और आवाजाही बहाल हो सकी।
इस बीच, BRO ने राजौरी जिले के कंडी-कोटरंका इलाके में भी रणनीतिक सड़कों की कनेक्टिविटी बहाल की है। मंगलवार को राजौरी-कंडी-बुधल क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के बाद सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया था, जिससे कंडी-कोटरंका उपखंड का राजौरी शहर से संपर्क टूट गया था।
प्रवक्ता के अनुसार, पिर पंजाल क्षेत्र में करीब तीन फीट तक बर्फ जमने से सैन्य और नागरिक आवाजाही के साथ-साथ मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुई थीं। इसके बावजूद BRO की 31 BRTF की 110 RCC ने प्रोजेक्ट संपर्क के तहत दिन-रात काम करते हुए बर्फ हटाने का अभियान चलाया। BRO की त्वरित कार्रवाई से पहले एक लेन की सड़क खोली गई, जिससे नियंत्रित तरीके से वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। महज 14 घंटे के भीतर जरूरी और आपात सेवाओं के लिए यातायात बहाल कर दिया गया।
इसके बाद लगातार काम जारी रखते हुए सड़क को और चौड़ा किया गया। करीब 35 किलोमीटर सड़क को 24 घंटे के भीतर पूरी तरह साफ कर सुरक्षित आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया।





