भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर, PM मोदी ने बताया ‘ऐतिहासिक कदम’

नई दिल्ली: मंगलवार को राजधानी में आयोजित द्विपक्षीय शिखर वार्ता में भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर औपचारिक रूप से दस्तखत किए. यह समझौता दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत करता है.
हैदराबाद हाउस में सुबह 11:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डर लेयेन के बीच उच्च स्तरीय वार्ता संपन्न हुई. इसी बैठक के दौरान इस महत्वपूर्ण व्यापारिक करार को अंतिम रूप दिया गया.
PM Modi, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत संपन्न होने की राजनीतिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए और समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया.
दिल्ली | PM Modi, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की उपस्थिति में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत संपन्न होने की राजनीतिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए गए और समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। pic.twitter.com/fA5KrCXpdh
— NewsMobile Samachar (@NewsMobileHindi) January 27, 2026
‘देश के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण व्यापार समझौता’
संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते को भारत के व्यापारिक इतिहास में सर्वाधिक महत्वपूर्ण और व्यापक करार बताया. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक व्यापारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत और यूरोप की साझा समृद्धि के लिए तैयार की गई रणनीतिक साझेदारी है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता व्यापार के नए द्वार खोलेगा और निवेश के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस करार से रोजगार सृजन को बल मिलेगा और आर्थिक प्रगति में तेजी आएगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूरोपियन यूनियन के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक तालमेल और लोगों के बीच मजबूत संबंधों के चलते हमारी साझेदारी नई उच्चाइयों तक पहुंच रही हैं. आज हमारे बीच 180 बिलियन यूरो का ट्रेड है. 8 लाख से अधिक भारतीय यूरोपियन यूनियन के देशों में रह रहे हैं और सक्रिय योगदान दे रहे हैं…आज भारत ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट संपन्न किया है.”
यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा, “…भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है. हमारे दोनों महाद्वीपों के बीच सदियों से व्यापार होता रहा है. व्यापार एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक स्टेबलाइजर है और आर्थिक विकास का बुनियादी स्रोत है. व्यापार समझौते नियमों पर आधारित आर्थिक व्यवस्था को मज़बूत करते हैं और साझा समृद्धि को बढ़ावा देते हैं. इसीलिए आज का मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक महत्व का है. यह अब तक हुए सबसे महत्वाकांक्षी समझौतों में से एक है, जिससे 2 अरब लोगों का बाज़ार बनेगा.”





