भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता: दो दशक की वार्ता के बाद ऐतिहासिक सफलता

नई दिल्ली: दो दशकों से चल रही कूटनीतिक वार्ता आखिरकार रंग लाने वाली है. भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है, जिसकी औपचारिक घोषणा आज राजधानी में आयोजित शिखर सम्मेलन में की जाएगी. यह समझौता भारतीय कूटनीति और अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होने जा रहा है.
राजधानी में होगी त्रिपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से मुलाकात करेंगे. इस उच्चस्तरीय बैठक में व्यापार के अलावा रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी और नागरिकों की आवाजाही से संबंधित ढांचे पर भी समझौते की संभावना जताई जा रही है.
वाणिज्य सचिव ने दी पुष्टि
केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारत-ईयू एफटीए की वार्ता प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है. उन्होंने इसे भारत के हितों के अनुकूल और भविष्योन्मुखी करार देते हुए कहा कि यह यूरोपीय बाजार के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा.
अग्रवाल के अनुसार, समझौते के दस्तावेजों की कानूनी समीक्षा जारी है. सभी औपचारिकताओं के बाद चालू वर्ष में हस्ताक्षर और अगले वर्ष की शुरुआत में इसे लागू किया जा सकता है. भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति और यूरोपीय संघ में यूरोपीय संसद की मंजूरी आवश्यक होगी.
‘भारत की प्रगति से वैश्विक लाभ’
गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू संबंधों को रणनीतिक महत्व का बताया. सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि भारत की सफलता वैश्विक स्थिरता, समृद्धि और सुरक्षा में योगदान देती है.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस समझौते को ‘सभी समझौतों की जननी’ बता चुके हैं. वर्ष 2007 में प्रारंभ हुई यह वार्ता भारत की सबसे दीर्घकालिक व्यापार बातचीत बन गई है.
24 अध्यायों में व्यापक समझौता
यह व्यापार समझौता कुल 24 अध्यायों में विभाजित है, जिसमें वस्तुओं का व्यापार, सेवा क्षेत्र और निवेश प्रावधान सम्मिलित हैं. इसके अतिरिक्त निवेश संरक्षण और भौगोलिक संकेतक (जीआई) पर स्वतंत्र समझौतों पर भी चर्चा चल रही है.
आज का कार्यक्रम
सुबह 11:10 बजे राजघाट पर पुष्पांजलि से कार्यक्रम का आरंभ होगा. इसके उपरांत हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ औपचारिक वार्ता होगी. दोपहर 1:15 बजे संयुक्त प्रेस वक्तव्य प्रस्तुत किया जाएगा. संध्या में वॉन डेर लेयेन व्यापार कार्यक्रम में भाग लेने के साथ उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति से भी भेंट करेंगी.
निर्यातकों को प्रत्याशित लाभ
इस समझौते से वस्त्र, चर्म उद्योग, रत्न एवं आभूषण, रसायन और मशीनरी क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है. वर्तमान में यूरोपीय संघ में श्रम-प्रधान उत्पादों पर लगभग 10 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जाता है, जो एफटीए लागू होने के बाद घट सकता है या समाप्त हो सकता है.
अमेरिकी शुल्क के दौर में महत्वपूर्ण उपलब्धि
अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च आयात शुल्क से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है. ऐसे समय में यूरोपीय संघ जैसे विशाल बाजार तक सुगम पहुंच भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे भारत को वैकल्पिक बाजार मिलेंगे और चीन पर निर्भरता में भी कमी आएगी.
यूरोपीय संघ: भारत का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार
वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत-यूरोपीय संघ के मध्य कुल व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का अधिशेष 15.17 अरब डॉलर दर्ज किया गया. यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा वस्तु व्यापार साझेदार है और भारत के कुल निर्यात का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा यूरोपीय बाजार में जाता है.
एनडीए सरकार का आठवां प्रमुख व्यापार समझौता
भारत-यूरोपीय संघ समझौते के साथ, वर्ष 2014 से एनडीए सरकार अपने आठवें बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने जा रही है. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, ईएफटीए ब्लॉक और मॉरीशस के साथ समझौते किए जा चुके हैं.





