मणिपुर के कांगपोकपी में उग्रवादियों का तांडव, कई घर और फार्महाउस फूंके

मणिपुर के कांगपोकपी जिले के पहाड़ी इलाकों में सोमवार (26 जनवरी 2026) दोपहर उस समय तनाव फैल गया, जब संदिग्ध उग्रवादियों ने कई घरों और फार्महाउस को आग के हवाले कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना कुकी बहुल के. सोंगलुंग गांव में हुई। पुलिस ने बताया कि नुकसान का आकलन अभी नहीं हो सका है। सूचना मिलते ही असम राइफल्स समेत सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
इस बीच, ज़ेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि जिन घरों और फार्महाउस को जलाया गया, उनका इस्तेमाल अवैध अफीम की खेती के लिए किया जा रहा था। ZUF ने अपने बयान में कहा कि उसने अवैध अफीम की खेती, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध प्रवासियों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई ज़ेलियांगरोंग इनपुई नागा समुदाय के पारंपरिक और ऐतिहासिक क्षेत्रों की रक्षा के लिए की गई है।
उग्रवादी संगठन ने बताया कि उसने पहले भी लोगों को चेतावनी दी थी और शांतिपूर्ण तरीके से अवैध गतिविधियां बंद करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। इसके बावजूद, 12:15 बजे दोपहर कार्रवाई करते हुए अफीम की खेती से जुड़े फार्महाउस, खेत और अन्य सामान जला दिए गए। वहीं, कांगपोकपी जिले की कुकी नागरिक संस्था कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने राज्य सरकार से 24 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। COTU ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह “पूर्व-निवारक कार्रवाई” करने पर मजबूर होगी।
गौरतलब है कि ZUF मणिपुर के तामेंगलोंग, नोनी और कांगपोकपी जिले के कुछ हिस्सों में सक्रिय उग्रवादी संगठन है, जो ज़ेलियांगरोंग नागा समुदाय के अधिकारों और जमीन की लड़ाई का दावा करता है।





