
तेहरान: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है. तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने छात्रों से लेकर कारोबारियों और वहां काम कर रहे सभी भारतीयों से सतर्क रहने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है.
Advisory for Indian nationals regarding travel to Iran
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— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) January 14, 2026
दरअसल, ईरान के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. अब तक करीब 11 हजार लोगों की मौत के बाद देश में अस्थिरता और गहरा गई है. सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए मौत की सजा देने का आदेश जारी किया है, जिससे आंतरिक तनाव चरम पर पहुंच गया है.
वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव बढ़ रहा है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से “मदद भेजने” की घोषणा के बाद ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की अटकलें तेज हो गई हैं. इन घटनाक्रमों के चलते पूरे पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनज़र एहतियाती कदम उठाए हैं.
ईरान में 28 दिसंबर से चल रहे जनआंदोलन में हिंसा का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है. मानवाधिकार संगठनों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. कुछ स्वतंत्र रिपोर्ट्स में यह संख्या 2,500 से भी ऊपर बताई जा रही है.
मानवाधिकार संगठनों ने जारी किए चौंकाने वाले आंकड़े
अमेरिका में स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया कि विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की संख्या 2,571 तक पहुंच गई है. इस बीच, ईरानी राजकीय टेलीविजन ने भी देश में हुए नुकसान को स्वीकार किया है. मार्टिर्स फाउंडेशन के प्रमुख अहमद मौसवी ने सशस्त्र और आतंकी गुटों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निगरानी समूहों का दावा है कि अधिकतर हताहत सरकारी सुरक्षा बलों की गोलीबारी से हुए हैं.





