जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से कथित संबंधों के आरोप में 5 सरकारी कर्मचारी बर्खास्त

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल प्रशासन ने मंगलवार (13 जनवरी 2026) को बड़ा कदम उठाते हुए आतंकवादी संगठनों से कथित संबंधों के आरोप में पांच सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के विशेष प्रावधानों के तहत की गई, जिसके तहत किसी भी कर्मचारी को बिना विभागीय जांच के हटाया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, सभी बर्खास्तगी सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन स्थानीय लोगों के खिलाफ उद्घोषणा नोटिस (प्रोक्लेमेशन नोटिस) भी जारी किए हैं। इनमें एक व्यवसायी मुबीन अहमद शाह और आर्किटेक्ट टोनी आशाई शामिल हैं, जिन पर देश-विरोधी और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
बर्खास्त किए गए कर्मचारियों की पहचान मोहम्मद इशफाक (शिक्षक), तारिक अहमद रह (लैब टेक्नीशियन), बशीर अहमद मीर (लाइनमैन), फारूक अहमद भट (वन विभाग कर्मचारी) और मोहम्मद यूसुफ (स्वास्थ्य विभाग में ड्राइवर) के रूप में हुई है।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षक मोहम्मद इशफाक का संपर्क लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद अमीन उर्फ अबू खुबैब से था। इशफाक को अप्रैल 2022 में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह जेल में रहते हुए भी अन्य कैदियों को कट्टरपंथ की ओर उकसाता रहा।
अनंतनाग जिले के एक अस्पताल में 2011 से कार्यरत लैब टेक्नीशियन तारिक अहमद रह, हिज्बुल मुजाहिदीन के डिविजनल कमांडर अमीन बाबा उर्फ आबिद का भतीजा है। एजेंसियों के अनुसार, उसका नाम एक जांच के दौरान सामने आया था। उसे यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा होने के बाद भी उसके आतंकियों से संपर्क जारी रहने की जानकारी मिली।
बशीर अहमद मीर, जो पीएचई विभाग में सहायक लाइनमैन के रूप में कार्यरत था, पर गurez और बांदीपोरा इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम करने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, वह आतंकियों को रास्तों की जानकारी देने, ठिकाने उपलब्ध कराने और सुरक्षा बलों से जुड़ी सूचनाएं साझा करता था।
वन विभाग में फील्ड वर्कर रहे फारूक अहमद भट पर हिज्बुल मुजाहिदीन को सक्रिय समर्थन देने का आरोप है। वहीं स्वास्थ्य विभाग में ड्राइवर मोहम्मद यूसुफ पर पाकिस्तान स्थित हिज्बुल मुजाहिदीन हैंडलर के संपर्क में रहने की बात सामने आई है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सरकारी सिस्टम में रहते हुए देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोग देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





