भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी पर होगी अहम बातचीत, जयशंकर पेरिस में करेंगे बैठकें

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 4 से 10 जनवरी 2026 तक फ्रांस और लक्ज़मबर्ग की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। इस दौरे का उद्देश्य यूरोप में भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना और वहां के राजनीतिक नेतृत्व व भारतीय समुदाय से संवाद करना है।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में अपने प्रवास के दौरान जयशंकर फ्रांस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। वह फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जां-नोएल बैरो से भी विस्तृत बातचीत करेंगे। इन बैठकों में भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और रक्षा, सुरक्षा, तकनीक व अन्य साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय हालात पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
फ्रांस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री 31वें फ्रेंच एंबेसडर्स कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे, जहां उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस मंच पर उनकी मौजूदगी भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका और वैश्विक मुद्दों पर उसकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाएगी।
फ्रांस के बाद जयशंकर लक्ज़मबर्ग जाएंगे, जहां वह उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ज़ेवियर बेटेल से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा लक्ज़मबर्ग के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ भी बातचीत होगी। इन चर्चाओं में भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर रहेगा, खासकर वित्त, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में।
अपने दौरे के दौरान विदेश मंत्री लक्ज़मबर्ग में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। यह सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसके तहत विदेशों में बसे भारतीयों से लगातार संपर्क और संवाद को प्राथमिकता दी जाती है।





