छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कोयला परियोजना का विरोध हिंसक, कई पुलिसकर्मी घायल

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार इलाके में कोयला खनन परियोजना के विरोध में चल रहा प्रदर्शन शनिवार (28 दिसंबर 2025) को हिंसक हो गया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए और प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगा दी। अधिकारियों के अनुसार, हालात बिगड़ने के बाद इलाके में तनाव फैल गया, हालांकि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने जिंदल पावर लिमिटेड के कोल हैंडलिंग प्लांट (CHP) में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। भीड़ ने कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया, साथ ही कार्यालय परिसर में भी नुकसान पहुंचाया।
जिला प्रशासन ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की और एक पुलिस बस, जीप और एंबुलेंस में आग लगा दी। इसके अलावा कई अन्य सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। दरअसल, तमनार क्षेत्र के गारे पेलमा सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से लीब्रा गांव के सीएचपी चौक पर धरना दे रहे थे। ये लोग 8 दिसंबर को धौराभाठा में आयोजित जनसुनवाई का विरोध कर रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 300 प्रदर्शनकारी मौके पर जमा हुए थे और कुछ लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। सुबह करीब 10 बजे राजस्व और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया और उन्हें निर्धारित धरना स्थल पर लौटने के लिए कहा।
हालांकि, दोपहर तक आसपास के गांवों से और लोग पहुंच गए, जिससे भीड़ करीब 1,000 लोगों तक पहुंच गई। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए शांति बनाए रखने की अपील की गई, लेकिन दोपहर करीब 2:30 बजे भीड़ हिंसक हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया।
इस हमले में तमनार के एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, तमनार थाना प्रभारी कमला पूसम और एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों सहित कई अन्य जवानों को भी चोटें आई हैं। हिंसा की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक विद्याावती सिदार, रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराने की कोशिश की। इसके बावजूद हालात पूरी तरह शांत नहीं हो सके और कोल हैंडलिंग प्लांट के भीतर आगजनी की एक और घटना सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण जरूर है लेकिन नियंत्रण में है। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीण शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे और प्रशासन की ओर से उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं।





