वायु शक्ति आज के युद्ध की सबसे बड़ी ताकत: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि आज के दौर में वायु शक्ति युद्ध का सबसे निर्णायक हथियार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को यह साफ दिखा दिया है कि भारत के पास उच्च-प्रभाव वाली और सटीक सैन्य क्षमता है। इस अभियान के दौरान आतंकवादी ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट करने और उसके बाद पाकिस्तान की गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया का मजबूती से जवाब देने के लिए उन्होंने भारतीय वायुसेना की सराहना की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने बेहद कम समय में साहस और सटीकता के साथ अपने लक्ष्य पूरे किए। उन्होंने बताया कि ऐसे अभियानों से यह सीख मिलती है कि दुश्मन की आक्रामक और रक्षात्मक क्षमताओं को गहराई से समझना कितना जरूरी है। उन्होंने वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की कि वे इन अनुभवों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की हर चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब पाकिस्तान ने भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, तब भी देश की जनता शांत रही और अपने रोजमर्रा के काम करती रही। उन्होंने इसे देशवासियों का सशस्त्र बलों की तैयारी और ताकत पर भरोसे का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध, इस्राइल-हमास संघर्ष, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि वायु शक्ति अब केवल सामरिक नहीं, बल्कि एक रणनीतिक हथियार बन चुकी है। वायु शक्ति की सबसे बड़ी ताकत उसकी गति, अचानक हमला करने की क्षमता और दुश्मन को मजबूत संदेश देने की शक्ति है।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि 21वीं सदी का युद्ध अब सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं है। यह तकनीक, सोच और तेजी से बदलते हालात के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता की लड़ाई है। साइबर युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, मानवरहित विमान, उपग्रह निगरानी और अंतरिक्ष आधारित तकनीकें भविष्य के युद्ध का चेहरा बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि सटीक हथियार, रियल-टाइम खुफिया जानकारी और डेटा पर आधारित फैसले अब आधुनिक युद्ध की बुनियादी जरूरत बन चुके हैं।
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि थल, जल और वायु सेनाओं के बीच मजबूत समन्वय से देश की सुरक्षा और ज्यादा मजबूत होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर घोषित ‘सुदर्शन चक्र’ योजना भविष्य में राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगी।
स्वदेशी तकनीक पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वदेशी जेट इंजन का विकास अब एक राष्ट्रीय मिशन बन चुका है और सरकार इसे पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जो देश तकनीक, दूरदर्शी रणनीति और बदलते हालात के अनुसार खुद को ढालना जानते हैं, वही आगे चलकर वैश्विक नेतृत्व हासिल करते हैं।





