भारत के अनदेखे पर्वत: अद्भुत जैव विविधता और प्राकृतिक खजाने का घर

भारत की हिमालय और नीलगिरी जैसी मशहूर पर्वत श्रृंखलाओं के अलावा देश में कई छोटे और कम जाने-पहचाने पर्वत हैं, जो अद्वितीय जैव विविधता और दुर्लभ प्रजातियों का घर हैं। ये पर्वत न केवल स्थानीय समुदायों के जीवन और संस्कृति से जुड़े हैं, बल्कि पारिस्थितिकी संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
1.अंडमान और निकोबार के पर्वतीय क्षेत्र
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पर्वत जैसे माउंट हैरियट और सैडल पीक दुर्लभ पक्षियों और पौधों का निवास स्थल हैं। यहां पाए जाने वाले विशेष प्रजातियों में निकोबार मेगापोड और अंडमान वुडपेक्कर शामिल हैं। ये प्रजातियाँ केवल इसी क्षेत्र में देखी जाती हैं और इनके संरक्षण की जरूरत है।
2.पश्चिमी घाट के कम प्रसिद्ध पर्वत
साइलेंट वैली और अगस्त्यमाला पर्वत जैसे क्षेत्र पश्चिमी घाट की कम जानी-पहचानी पर्वत श्रृंखलाओं में आते हैं। यहां कई दुर्लभ औषधीय पौधे और संकटग्रस्त प्रजातियाँ मौजूद हैं। शेर-पूंछ वाला मकाक और मलबार सिवेट जैसी प्रजातियाँ इस क्षेत्र की जैव विविधता को विश्वस्तरीय महत्व देती हैं।
3.पूर्वोत्तर के पहाड़ी क्षेत्र
मिजोरम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के छोटे पहाड़ विदेशी ऑर्किड और दुर्लभ जीव-जंतु का घर हैं। कई प्रजातियाँ केवल इन पर्वतों में ही पाई जाती हैं, जो इसे जैव विविधता का अनोखा केंद्र बनाती हैं।
4.राजस्थान और गुजरात के पहाड़ी क्षेत्र
अरावली और गिरनार जैसे छोटे पर्वत भी पारिस्थितिकीय हॉटस्पॉट में शामिल हैं। यहां वन्य जीवन में बाघ़, धारियों वाला लकड़बघा और दुर्लभ सरीसृप पाए जाते हैं। यह क्षेत्र भी जैव विविधता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
5.हिमालय के कम जाने-पहचाने हिस्से
जांस्कर, स्पिति और किन्नौर के अलग-थलग पर्वत क्षेत्रों में हिमालयी पौधे और औषधीय जड़ी-बूटियों की अनोखी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। इन क्षेत्रों के ग्लेशियल झरने और हिमालयी झीलें इसे और आकर्षक बनाते हैं।
इन पर्वतों का महत्व:
ये पर्वत संकटग्रस्त प्रजातियों और दुर्लभ पौधों का घर हैं।
स्थानीय समुदायों की जीवनशैली, आर्थिक गतिविधियों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हैं।
जलवायु परिवर्तन और मानव गतिविधियों के कारण इनकी सुरक्षा अत्यंत जरूरी है।
भारत के इन अनदेखे पर्वतों की यात्रा न केवल रोमांचक है, बल्कि यह हमें प्रकृति की विविधता और संरक्षण का महत्व भी याद दिलाती है। अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम इन पर्वतों को सुरक्षित रखें और इनके अद्भुत रहस्यों को दुनिया के साथ साझा करें।





