विवादित बयान पर लल्लन सिंह ने दी सफाई, बोले पूरा वीडियो देखें, सच्चाई खुद सामने आ जाएगी

बिहार विधानसभा की मोकामा सीट पर चुनावी घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने उन पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया है, जिसके बाद प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की है।
ललन सिंह ने अब इस पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा वीडियो पूरा नहीं बल्कि उसका एक हिस्सा है। अगर कोई पूरा वीडियो देखेगा, तो बात की सच्चाई खुद समझ में आ जाएगी। उन्होंने कहा, “मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अगर एफआईआर हुई है तो जांच में सब साफ हो जाएगा, पूरी घटना रिकॉर्डेड है।”
ललन सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके नेता जानबूझकर वीडियो का छोटा हिस्सा निकालकर लोगों को गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि वायरल बयान में उन्होंने केवल इतना कहा था कि अगर कोई नेता गरीबों को डराता-धमकाता है ताकि वे वोट न दें, तो गांव वाले ऐसे लोगों को रोकें और गरीबों को बूथ तक वोट डालने ले जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया, “मैंने कहा था कि कोई भी गरीब को डराकर उसका वोट नहीं छीन सकता। यही मेरा पूरा बयान था।”
ललन सिंह ने यह भी बताया कि मोकामा नगर परिषद के वार्ड नंबर 15 से 27 में कुछ लोग गरीबों को धमकाकर वोट डालने से रोक रहे हैं। उन्होंने कहा, “गरीब हमारे वोटर हैं, नीतीश कुमार के वोटर हैं। क्या हम उनके हौसले नहीं बढ़ाएंगे? नीतीश कुमार के शासन में कानून का राज है, और मैं चुनाव आयोग के निर्देशों का सम्मान करता हूं।”
बता दें कि मोकामा विधानसभा सीट से जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह जेल में हैं, इसलिए अब ललन सिंह ने खुद चुनाव प्रचार की कमान संभाल ली है। सोमवार शाम उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ खुली जीप में रोड शो किया। यह रोड शो बहरपुर, मोर, शिवनार, थाना चौक और तिराहा चौक से होते हुए आगे बढ़ा।
दोनों नेताओं ने एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थन में प्रचार किया और जनता से उन्हें जीताने की अपील की। हालांकि रोड शो के बाद भी आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में दोनों नेताओं पर केस दर्ज किया गया।
इस बीच मंगलवार को वायरल हुए वीडियो ने नया विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें ललन सिंह कहते नजर आ रहे हैं कि “वोटिंग के दिन एक नेता को घर में पैक कर दिया जाएगा।” इसे लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और प्रशासन ने निगरानी टीम की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





