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ISRO कल लॉन्च करेगा सबसे शक्तिशाली नौसेना सैटेलाइट CMS-03, शाम 5:26 बजे होगी उड़ान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज अपने अब तक के सबसे शक्तिशाली नौसेना संचार सैटेलाइट CMS-03 (GSAT-7R) को लॉन्च करने जा रहा है। इस मिशन की उड़ान रविवार शाम 5 बजकर 26 मिनट पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से होगी। यह साल 2025 में ISRO का चौथा रॉकेट प्रक्षेपण होगा।

करीब 4,400 किलोग्राम वजनी यह सैटेलाइट भारतीय नौसेना की जहाजों, पनडुब्बियों, विमान और तटीय ठिकानों के बीच संचार नेटवर्क को और मज़बूत करेगा। इसके ज़रिए नौसेना की निगरानी और रीयल-टाइम कम्युनिकेशन क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी होगी, जिससे देश के समुद्री इलाकों में सुरक्षा कवरेज बेहतर होगा।

इस सैटेलाइट को लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (LVM3) रॉकेट के ज़रिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह भारत का सबसे ताकतवर रॉकेट है, जो इससे पहले 7 सफल मिशन पूरे कर चुका है। उड़ान के लगभग 16 मिनट बाद LVM3 सैटेलाइट को प्रारंभिक कक्षा में स्थापित करेगा।

अगले कुछ हफ्तों में CMS-03 को उसकी अंतिम भू-स्थिर कक्षा (Geostationary Orbit) में पहुंचाया जाएगा, जो पृथ्वी से 36,000 किलोमीटर ऊपर भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होगी। वहां से यह सैटेलाइट एक-तिहाई पृथ्वी क्षेत्र पर नज़र रख सकेगा, खास तौर पर हिंद महासागर क्षेत्र पर।

CMS-03, साल 2013 में लॉन्च किए गए पुराने GSAT-7 सैटेलाइट की जगह लेगा, जिसे तब यूरोप के एरियन रॉकेट से लॉन्च किया गया था क्योंकि उस समय भारत के पास इतने भारी सैटेलाइट लॉन्च करने की तकनीक नहीं थी।

अब CMS-03 का अपने ही रॉकेट से सफल प्रक्षेपण ISRO की तकनीकी आत्मनिर्भरता का बड़ा उदाहरण होगा। यह मिशन भारत की रक्षा और संचार प्रणाली को घरेलू स्तर पर और मज़बूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे भारतीय नौसेना को सुरक्षित और निर्बाध संचार नेटवर्क मिल सकेगा।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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