AI कोपायलट से एनालॉग चिप डिज़ाइन में 66% तक समय घटाने का दावा

बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी Maieutic Semiconductor आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बेहद जटिल एनालॉग चिप डिज़ाइन की प्रक्रिया को ऑटोमेट करने पर काम कर रही है। कंपनी एक ऐसा AI डिजिटल असिस्टेंट बना रही है जो इंजीनियरों को डिज़ाइन बनाने में को-पायलट की तरह मदद करेगा। इससे AI हार्डवेयर के विकास की गति और भी तेज़ होने की उम्मीद है, जैसा कि निक्केई एशिया ने रिपोर्ट किया है।
Maieutic ने हाल ही में 6 मिलियन डॉलर (लगभग 50 करोड़ रुपये) की सीड फंडिंग हासिल की है। इसमें जापान के University of Tokyo Edge Capital Partners (UTEC) के साथ-साथ भारत की Endiya Partners और Exfinity Venture Partners ने निवेश किया है। कंपनी के सीईओ गिरीश राजेन्द्रन, जो पहले Texas Instruments और Qualcomm में काम कर चुके हैं, ने बताया कि मार्च 2026 से AI वर्जुअल असिस्टेंट के शुरुआती ट्रायल ग्राहकों के साथ शुरू किए जाएंगे और उसके बाद इसे बड़े स्तर पर लॉन्च किया जाएगा। शुरुआती फोकस भारत में मौजूद ग्लोबल चिप डिज़ाइन सेंटरों और जापानी सेमीकंडक्टर कंपनियों पर रहेगा।
डिजिटल चिप्स (जैसे CPU, मेमोरी आदि) का डिज़ाइन पहले से EDA सॉफ्टवेयर के ज़रिए ऑटोमेटेड है और इस क्षेत्र में Synopsys, Cadence और Siemens EDA जैसी अमेरिकी कंपनियां हावी हैं। लेकिन एनालॉग और मिक्स्ड-सिग्नल चिप, जिनका इस्तेमाल आवाज़, रोशनी और तापमान जैसे वास्तविक सिग्नल को प्रोसेस करने में होता है, आज भी ज्यादातर हाथ से डिज़ाइन की जाती हैं, और इसमें काफी समय लगता है।
कंपनी के चीफ़ बिज़नेस ऑफिसर आशीष लछानी ने बताया कि Maieutic का यह AI कोपायलट मौजूदा डिज़ाइन सॉफ्टवेयर के साथ जुड़कर इंजीनियरों को मदद करेगा। यह पेटेंट्स और रिसर्च पेपर्स जैसे सार्वजनिक डाटा पर ट्रेन किया गया है और साधारण भाषा में इंजीनियरों के सवालों का जवाब दे सकेगा। यह टूल सर्किट में गलती ढूंढना, बेहतर डिज़ाइन सजेशन देना और पावर व परफॉर्मेंस के बीच संतुलन का विश्लेषण भी कर सकता है।
कंपनी का अनुमान है कि एनालॉग चिप डिज़ाइन का समय 50% से 66% तक कम किया जा सकता है। साथ ही, इसे लोकल सिस्टम पर चलाया जा सकेगा, जिससे डेटा प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।





