विश्व मंच पर बढ़ रही हिंदी की धाक, पीएम मोदी बोले– गर्व की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हिंदी दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हमें न सिर्फ हिंदी, बल्कि सभी भारतीय भाषाओं को समृद्ध करना चाहिए और गर्व के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना चाहिए।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा– “हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और मूल्यों की जीवंत धरोहर है। इस अवसर पर हम सब मिलकर संकल्प लें कि हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं को समृद्ध करेंगे और गर्व से आने वाली पीढ़ियों को सौंपेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि विश्व स्तर पर हिंदी की बढ़ती प्रतिष्ठा हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा की बात है।
आप सभी को हिंदी दिवस की अनंत शुभकामनाएँ। हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और संस्कारों की जीवंत धरोहर है। इस अवसर पर आइए, हम सब मिलकर हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं को समृद्ध बनाने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक गर्व के साथ पहुँचाने का संकल्प लें। विश्व पटल पर…
— Narendra Modi (@narendramodi) September 14, 2025
इस मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में पाँचवें राजभाषा सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हिंदी को भारतीय भाषाओं की प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि उनकी मित्र के रूप में देखा जाना चाहिए। शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात, जो हिंदीभाषी राज्य नहीं है, वहाँ की महान हस्तियों– महात्मा गांधी, सरदार पटेल और के.एम. मुंशी ने हिंदी को अपनाया और आगे बढ़ाया। यह बताता है कि हिंदी और अन्य भाषाएँ साथ-साथ विकसित हो सकती हैं।
अमित शाह ने यह भी कहा कि हिंदी केवल बोलचाल या प्रशासन की भाषा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे विज्ञान, तकनीक, न्यायपालिका और पुलिस जैसे क्षेत्रों में भी अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले राजभाषा सम्मेलन दिल्ली में होते थे, लेकिन अब इन्हें देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग हिंदी से जुड़ सकें।
शाह ने राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्रियों से अपील की कि वे उनसे अपनी-अपनी भाषाओं में पत्राचार करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे भी उन्हें उसी भाषा में जवाब देंगे।





