भारत

आज़ादी के समय से कितना अलग लगता है भारत का नक्शा

15 अगस्त 1947 को जब भारत को आज़ादी मिली, तब इसका नक्शा आज के भारत से बिल्कुल अलग था। ब्रिटिश भारत को विभाजित कर एक ओर भारत और दूसरी ओर पाकिस्तान बनाया गया था। पाकिस्तान में पश्चिमी पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान, उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत और पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) शामिल हुए, जबकि भारत के पास पूर्वी पंजाब, पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, मद्रास, महाराष्ट्र और अन्य प्रांत थे। उस समय भारत में करीब 565 रियासतें थीं, जो स्वतंत्र थीं और जिनका विलय बाद में भारतीय संघ में किया गया।

स्वतंत्र रियासतें और विदेशी इलाके

आज़ादी के समय जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद, जूनागढ़, राजस्थान की कई रियासतें जैसे जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और जैसलमेर स्वतंत्र रूप से शासन कर रही थीं। फ्रांसीसी और पुर्तगाली उपनिवेश — जैसे पांडिचेरी, कराईकल, गोवा, दमन और दीव — भी भारत का हिस्सा नहीं थे। इन सभी इलाकों का भारत में सम्मिलन आने वाले वर्षों में हुआ।

विलय की प्रक्रिया और शुरुआती संघर्ष

आज़ादी के तुरंत बाद भारत सरकार ने रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने का अभियान शुरू किया। जम्मू-कश्मीर ने भारत में विलय किया, लेकिन पाकिस्तान ने इसमें दखल देते हुए 1947-48 में हमला कर दिया, जिसके कारण पहला कश्मीर युद्ध हुआ। हैदराबाद का विलय 1948 में ‘ऑपरेशन पोलो’ के तहत हुआ, जबकि जूनागढ़ भी उसी साल भारत में शामिल हो गया। इन घटनाओं ने नए भारत के नक्शे को आकार देने की दिशा में अहम भूमिका निभाई।

संविधान लागू और राज्यों का पुनर्गठन

26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू होने के साथ ही देश को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया। लेकिन 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम लाकर राज्यों की सीमाएं भाषाई आधार पर तय की गईं। इस बदलाव के तहत मद्रास प्रांत से आंध्र प्रदेश बना और बॉम्बे प्रांत से महाराष्ट्र व गुजरात का गठन हुआ। यह दौर भारत के नक्शे में बड़े बदलावों का गवाह बना।

विदेशी क्षेत्रों का भारत में आना

1954 में फ्रांस से पांडिचेरी, कराईकल, याना और माहे भारत में शामिल हुए। इसके बाद 1961 में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ के जरिए गोवा, दमन और दीव को पुर्तगाल से मुक्त कराया। 1975 में सिक्किम भारत का हिस्सा बना और पूर्ण राज्य का दर्जा पाया। इन सम्मिलनों ने भारत के नक्शे को और व्यापक बना दिया।

आज का भारत

2019 में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किया गया और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों — जम्मू-कश्मीर और लद्दाख — में विभाजित किया गया। आज भारत में 28 राज्य और 8 केंद्रशासित प्रदेश हैं, और इसका नक्शा एकजुट, मज़बूत और स्पष्ट राजनीतिक ढांचे का प्रतीक है, जो आज़ादी, संघर्ष और एकता की गाथा कहता है।

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