79वें स्वतंत्रता दिवस पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वीरों को सम्मान

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 16 जांबाजों को अदम्य साहस और वीरता के लिए ‘वीरता पदक’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें मई 2025 में जम्मू क्षेत्र में पाकिस्तान की भारी गोलीबारी और ड्रोन हमलों का डटकर सामना करने वाले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में उनके अद्वितीय योगदान के लिए दिया गया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान, एसआई व्यास देव और कांस्टेबल सुद्दी राभा को अग्रिम चौकियों तक गोला-बारूद पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। मिशन के दौरान उन पर मोर्टार शेल गिरा, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। एसआई व्यास देव का बायां पैर काटना पड़ा, जबकि कांस्टेबल राभा ने भी जानलेवा चोटों के बावजूद ड्यूटी पूरी की।
जम्मू के खारकोला बीओपी पर तैनात बीएसएफ जवानों ने भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले का सामना किया। एसआई मोहम्मद इम्तेयाज के नेतृत्व में एक पाकिस्तानी ड्रोन को गिरा दिया गया, हालांकि विस्फोट में कई जवान घायल हुए। इसके बावजूद, अभिषेक श्रीवास्तव समेत सभी जवानों ने जवाबी कार्रवाई जारी रखी। डिप्टी कमांडेंट रविंद्र राठौर और उनकी टीम ने गोलीबारी के बीच एक घायल जवान को सुरक्षित निकालने का सफल ऑपरेशन चलाया।
एएसआई उदय वीर सिंह ने बीओपी जबोवाल पर हमले के दौरान पाकिस्तानी निगरानी कैमरे को नष्ट कर दिया, जिससे दुश्मन की निगरानी रुक गई। गंभीर चोट लगने के बाद भी उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा। बीओपी करोटाना खुर्द पर गोला-बारूद की कमी होने पर एएसआई राजप्पा बीटी और कांस्टेबल मनोहर ज़ालक्सो ने भारी गोलाबारी के बीच सप्लाई पहुंचाई। दोनों घायल हुए, लेकिन मिशन पूरा किया।
एफडीएल मुखयारी पर सहायक कमांडेंट आलोक नेगी, कांस्टेबल कंदर्प चौधरी और वाघमारे भवन देवराम ने 48 घंटे से अधिक समय तक मोर्टार से जवाबी कार्रवाई की, जिससे दुश्मन की स्थिति कमजोर हुई और बीएसएफ को कोई हताहत नहीं हुआ। इन सभी जांबाजों की बहादुरी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए 79वें स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें वीरता पदक से नवाजा गया। इसके अलावा, बीएसएफ के पांच कर्मियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक (PSM) और 46 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा पदक (MSM) भी प्रदान किए गए।





