विदेश

UNGA में होगी शांति की बड़ी पहल, मोदी-जेलेंस्की करेंगे आमने-सामने बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को फोन पर विस्तार से बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध और आपसी सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत में यह भी तय हुआ कि अगले महीने न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र के दौरान वे आमने-सामने मुलाकात करेंगे और आधिकारिक दौरों के आदान-प्रदान पर काम करेंगे।

पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा से युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में रहा है और जल्द से जल्द शांति बहाल करने के हर प्रयास का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि भारत इस दिशा में हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा – “राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात कर हालिया हालात पर उनकी राय जानकर अच्छा लगा। मैंने दोहराया कि संघर्ष का जल्दी और शांतिपूर्ण समाधान जरूरी है। भारत इसमें हर संभव योगदान देगा और यूक्रेन के साथ रिश्तों को और मजबूत करेगा।”


वहीं, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने पोस्ट में कहा कि बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा हुई। उन्होंने पीएम मोदी के “समर्थन भरे शब्दों” के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें हाल ही में रूसी हमलों की जानकारी दी, जिसमें ज़ापोरिज़्झिया के बस स्टेशन पर हुए बम विस्फोट में दर्जनों लोग घायल हुए। जेलेंस्की ने कहा, “जब युद्ध खत्म करने के लिए कूटनीतिक संभावना दिख रही है, तब रूस सिर्फ कब्जा और हत्याएं जारी रखने की इच्छा दिखा रहा है।” उन्होंने रूस पर प्रतिबंधों, खासकर ऊर्जा निर्यात को सीमित करने की अहमियत पर जोर दिया, ताकि उसकी युद्ध जारी रखने की क्षमता कमजोर हो सके।


यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब 15 अगस्त को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें यूक्रेन युद्धविराम और अमेरिका-रूस संबंध मुख्य एजेंडा रहेंगे।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button