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डोनाल्ड ट्रंप का बयान, टैरिफ से कमाई करेगा अमेरिका

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापारिक साझेदार देशों पर पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) लगाने के अपने फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका को कई साल पहले ही उठा लेना चाहिए था, और अब इस नीति के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जाएगी। ट्रंप ने कहा कि इन टैरिफ्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल अमेरिका अपने राष्ट्रीय कर्ज को चुकाने में करेगा।

मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “हम कर्ज का भुगतान करेंगे। देश में बहुत सारा पैसा आने वाला है — इतना पैसा पहले कभी एकसाथ नहीं आया होगा। इससे पहले हम अपना कर्ज चुका पाएंगे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस नीति का मकसद किसी पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि निष्पक्षता लाना है। “मैं दबाव नहीं चाहता, मैं केवल न्याय चाहता हूं। हम जहां भी और जितना हो सके, पारस्परिक कर देखना चाहते हैं,” ट्रंप ने कहा।

ट्रंप ने दावा किया कि इस रणनीति से अमेरिका सैकड़ों अरब डॉलर की कमाई करेगा। उन्होंने कहा कि जब वह पहले राष्ट्रपति बने थे, तब उन्होंने चीन पर टैरिफ लगाया था, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते वे अन्य देशों पर यह नीति लागू नहीं कर पाए। अब वे इस दिशा में दोबारा कदम बढ़ा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने 2 अप्रैल को उन देशों से आयात पर 50 प्रतिशत तक पारस्परिक कर और लगभग सभी अन्य देशों पर 10 प्रतिशत आधारभूत कर लगाने की घोषणा की थी, जिनके साथ अमेरिका को व्यापार घाटा है। उन्होंने इस निर्णय को उचित ठहराने के लिए 1977 के एक राष्ट्रीय आपातकालीन कानून का हवाला दिया। हालांकि, जब उनकी इस नीति की आलोचना हुई, तो उन्होंने इन टैरिफ्स को 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया ताकि संबंधित देशों को बातचीत का अवसर मिल सके। अंततः कुछ देशों ने अमेरिका के साथ समझौते कर लिए और ट्रंप की मांगों को स्वीकार कर लिया।

डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि इस नीति से अमेरिका की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और राष्ट्रीय कर्ज को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था में निष्पक्षता आएगी और अमेरिका का व्यापार घाटा घटेगा।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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