कारगिल विजय दिवस आज, राष्ट्रपति और पीएम ने शहीद जवानों को अर्पित की श्रद्धांजलि

देशभर में आज 26वां कारगिल दिवस मनाया जा रहा है. साल 1999 भारत के इतिहास में सदियों तक याद रखा जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि ये वही साल था जब भारतीय वीर सपूतों ने अपने शौर्य का परिचय देते हुए ना सिर्फ पाकिस्तान को युद्ध में हराया था बल्कि उन्हें दांतों तले चने चबवा दिए.
कारगिल दिवस के इस मौके पर पीएम मोदी ने समेत राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों को शुभकामनाएं दी.
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की ढेरों शुभकामनाएं. यह अवसर हमें मां भारती के उन वीर सपूतों के अप्रतिम साहस और शौर्य का स्मरण कराता है, जिन्होंने देश के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. मातृभूमि के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा. जय हिंद!

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया, “कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मैं मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं. यह दिवस हमारे जवानों की असाधारण वीरता, साहस एवं दृढ़ संकल्प का प्रतीक है. देश के प्रति उनका समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा.”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “कारगिल विजय दिवस पर, मैं अपने उन वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने सबसे कठिन परिस्थितियों में भी हमारे राष्ट्र के सम्मान की रक्षा में असाधारण साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया. कारगिल युद्ध के दौरान उनका सर्वोच्च बलिदान हमारे सशस्त्र बलों के अटूट संकल्प की एक शाश्वत याद दिलाता है. भारत उनकी सेवा का सदैव ऋणी रहेगा.”

यह सालगिरह सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि यह भारत की एकता का प्रतीक है. यह उन जवानों को सलाम है जिन्होंने विरल ऑक्सीजन वाले वातावरण और कड़ाके की ठंड में हर चोटी को अपने साहस का गवाह बना दिया. कारगिल युद्ध की शुरुआत मई 1999 में हुई थी, जब घुसपैठियों ने चुपचाप नियंत्रण रेखा पार कर भारतीय पोस्टों पर कब्जा कर लिया था.





