पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश से अब तक 266 लोगों की मौत, हालात बेहद गंभीर

पाकिस्तान में भारी मानसूनी बारिश के कारण अब तक 266 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 126 बच्चे शामिल हैं। यह आंकड़ा 26 जून से लेकर अब तक का है, जिसे देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने जारी किया है। इस दौरान 628 लोग घायल भी हुए हैं। पिछले 24 घंटों में ही बारिश से जुड़ी घटनाओं में 14 लोगों की जान गई और 17 लोग घायल हुए। NDMA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मरने वालों में 94 पुरुष, 46 महिलाएं और 126 बच्चे शामिल हैं।
पंजाब प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां अब तक 144 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद खैबर पख्तूनख्वा में 63, सिंध में 25, बलूचिस्तान में 16, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 10 और इस्लामाबाद में 8 लोगों की मौत हुई है। घायलों की संख्या भी काफी ज्यादा है। अकेले पंजाब में 488 लोग घायल हुए हैं, जबकि खैबर पख्तूनख्वा में 69, सिंध में 40, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 18, बलूचिस्तान में 4 और इस्लामाबाद में 3 लोग घायल हुए हैं।
भारी बारिश ने देशभर में घरों और बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। पिछले 24 घंटों में ही 246 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और 38 मवेशियों की मौत हुई है। कुल मिलाकर अब तक 1,250 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है और 366 मवेशी मारे गए हैं। पंजाब के पिंडी भट्टियां इलाके में राज्यपाल सरदार सलीम हैदर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और हालात की गंभीरता को स्वीकार किया।
अटॉक जिले के चाच इलाके में हालात और भी गंभीर हैं, जहां तरबेला डैम से पानी छोड़े जाने के कारण सिंधु नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, चिनीोट में चिनाब नदी में भी निचले स्तर की बाढ़ देखी गई है। खैबर पख्तूनख्वा के हरिपुर जिले की खानपुर तहसील में भूस्खलन के चलते कई घरों को नुकसान पहुंचा है। हाली बाग कलाली में एक मुख्य सड़क पिछले दो दिनों से बंद है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।
NDMA और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति ने चुनौती को और बढ़ा दिया है। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।





