देशभर में भारत बंद का असर, 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी आज हड़ताल पर

आज, 9 जुलाई को देशभर में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है. यह बंद 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर बुलाया गया है. प्रदर्शनकारी संगठन केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध कर रहे हैं, जिन्हें वे मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक मानते हैं.
यह हड़ताल केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बुलाई गई है, जिसमें बैंकिंग, परिवहन, डाक सेवाएं, खनन, और निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के 25 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और ग्रामीण मजदूरों के शामिल होने की उम्मीद है. उधर बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ महागठबंधन की तरफ से बिहार बंद बुलाया गया है, जिसका वहां खूब असर देखा जा रहा है.
बिहार में मतदाता पुनरीक्षण अभियान के खिलाफ महागठबंधन के बंद का वहां खूब असर देखा जा रहा है. बिहिया स्टेशन पर कार्यकर्ताओं ने श्रमजीवी एक्सप्रेस को रोक दिया. उधर आरजेडी कार्यकर्ताओं ने किया NH 31 पर चक्का जाम कर दिया है. यहां बाढ़ थाना के जलगोविंद चौक को प्रदर्शनकारियों ने जाम किया.
इस हड़ताल में बैंकिंग, परिवहन, डाक सेवाएं, कोयला खनन और निर्माण क्षेत्र के करीब 25 करोड़ कर्मचारी और ग्रामीण मजदूर भाग ले रहे हैं. इससे कई राज्यों में सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है.
क्या-क्या खुले और बंद रहेंगे?
स्कूल, कॉलेज और निजी दफ्तरों के सामान्य रूप से खुले रहने की उम्मीद है, लेकिन परिवहन, बैंक और डाक सेवाओं में रुकावट के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
रेलवे यूनियनों ने औपचारिक रूप से भारत बंद में शामिल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन हड़ताल का अप्रत्यक्ष असर ट्रेन सेवाओं पर पड़ सकता है. पूरे रेलवे नेटवर्क को ठप करने की आशंका नहीं है, फिर भी कुछ रूटों पर ट्रेनों में देरी, प्लेटफॉर्म पर भीड़ या स्थानीय अवरोध की स्थिति बन सकती है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपने रूट की स्थिति की जानकारी अवश्य लें.





