देश में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले, दिल्ली और केरल में सबसे ज्यादा केस

देश में कोरोना वायरस के मामलों में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में देशभर में कोरोना संक्रमण के 203 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान दो मरीजों की मौत भी हुई है, जिनमें एक कर्नाटक और एक केरल से है। देश में कोरोना से अब तक कुल 28 मौतें हो चुकी हैं।
फिलहाल देश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 3961 हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा एक्टिव केस केरल में दर्ज किए गए हैं, जहां 1435 मरीजों का इलाज जारी है। इसके बाद महाराष्ट्र में 506, दिल्ली में 483, गुजरात में 338, पश्चिम बंगाल में 331, कर्नाटक में 253, तमिलनाडु में 189 और उत्तर प्रदेश में 157 एक्टिव केस मौजूद हैं।
बीते एक दिन में सबसे ज्यादा नए कोरोना केस दिल्ली में दर्ज हुए हैं, जहां 47 मरीजों की पुष्टि हुई। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक प्रभावित जिला नोएडा रहा, जहां पिछले 24 घंटे में 14 नए मरीज मिले हैं। नोएडा में अब कुल एक्टिव केस की संख्या 57 पहुंच गई है। सभी मरीज होम आइसोलेशन में हैं, जिनमें 30 पुरुष और 27 महिलाएं शामिल हैं।
गुजरात के अहमदाबाद में बीते तीन दिनों में कोरोना से दो मरीजों की मौत हो चुकी है। एलजी अस्पताल में पहले एक 47 वर्षीय महिला की मौत हुई थी और अब 18 साल की एक युवती की भी जान चली गई है। दोनों मरीजों को सांस लेने में परेशानी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राज्य में कुल 338 एक्टिव केस हैं।
22 मई को देश में एक्टिव मामलों की संख्या 257 थी, जो 26 मई तक बढ़कर 1010 हुई और फिर तेजी से उछलते हुए 1 जून तक 3395 हो गई। अब यह आंकड़ा 3961 तक पहुंच चुका है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बताया है कि देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों से लिए गए सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग में ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट्स पाए गए हैं, जो फिलहाल हल्के लक्षणों के साथ सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मई 2025 में कोविड के LF.7 और NB.1.8 सब-वेरिएंट्स को ‘अंडर मॉनिटरिंग’ कैटेगरी में रखा है। यही वेरिएंट्स चीन और एशिया के कई हिस्सों में संक्रमण बढ़ा रहे हैं।
बढ़ते मामलों को देखते हुए देशभर के अस्पतालों में मॉकड्रिल और अन्य तैयारियां शुरू हो गई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों को सतर्क रहने और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।





