पहलगाम हमले पर पीएम मोदी का सख्त संदेश: “दोषियों को मिलेगी कठोरतम सजा, भारत की आत्मा को कोई नहीं तोड़ सकता”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर गहरा दुख जताया और दोषियों को सख्त सजा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने कहा, “पहलगाम की घटना ने पूरे देश को गहरी पीड़ा दी है। हर भारतीय आतंक की इन तस्वीरों को देखकर आक्रोशित है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कश्मीर में शांति लौट रही थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा था और पर्यटन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा था, तभी देश के दुश्मनों ने इस विकास यात्रा को रोकने के लिए यह कायराना हरकत की। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि इस कठिन समय में 140 करोड़ भारतीयों की एकता ही सबसे बड़ा संबल है।
पीएम मोदी ने कहा, “हमें अपने संकल्प और इच्छाशक्ति को और अधिक मजबूत करना है। पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी है। दुनियाभर से संवेदनाएं और समर्थन के संदेश मिल रहे हैं। इस हमले के दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी। पीड़ित परिवारों को इंसाफ मिलकर रहेगा।”
In the 121st Episode of Mann Ki Baat, Prime Minister Narendra Modi says, “Today, as I talk my heart out with you, there is a deep agony in my heart. The Pahalgam terrorist attack of 22 April has left every citizen heartbroken. Everybody feels deep sympathy for the families of the… pic.twitter.com/oD0tRYdgu7
— ANI (@ANI) April 27, 2025
पहले गुरुवार को बिहार की एक जनसभा में भी प्रधानमंत्री मोदी ने आतंक के आकाओं को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, “भारत हर आतंकी और उनके मददगारों को खोज निकालेगा और उन्हें पृथ्वी के अंतिम छोर तक पीछा कर सजा देगा। भारत की आत्मा को आतंकवाद कभी नहीं तोड़ सकता।”
In the 121st Episode of Mann Ki Baat, Prime Minister Narendra Modi says, “This attack in Pahalgam reflects the frustration of those who patronise terrorism…. At a time when peace was returning to Kashmir, enemies of the nation and J&K did not like it. Terrorists and their… pic.twitter.com/IRDgO8eGk4
— ANI (@ANI) April 27, 2025
प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि यह हमला केवल निहत्थे पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा पर हमला था। “जो भी इस हमले के दोषी हैं, उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। अब समय आ गया है कि आतंकवाद की बची-खुची जड़ें भी पूरी तरह समाप्त कर दी जाएं।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत की 140 करोड़ जनता की अटूट इच्छाशक्ति आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी।





