म्यांमार में फिर कांपी धरती: मीकटिला के पास 5.5 तीव्रता का भूकंप

म्यांमार में भूकंप का खतरा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार सुबह मिकटिला शहर के पास 5.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे लोगों में फिर दहशत फैल गई। यह झटका ऐसे समय में महसूस किया गया, जब देश 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप की तबाही से अभी तक उबर नहीं पाया है। कई इलाकों में आज भी राहत व बचाव कार्य जारी है, और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, रविवार को आया ताजा भूकंप मांडले और नेपीताव के बीच स्थित वुंडविन टाउनशिप क्षेत्र में करीब 20 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। जबकि कुछ अनुमानों में इसकी गहराई 7.7 किलोमीटर बताई गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि लोग इमारतों से बाहर भागने लगे। कुछ मकानों की छतों को नुकसान पहुंचा है।
म्यांमार में 28 मार्च को आए भीषण भूकंप ने देश के मध्य भाग को बुरी तरह से प्रभावित किया था। इस त्रासदी में अब तक 3,649 लोगों की मौत और 5,018 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। कई सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि 28 मार्च का भूकंप म्यांमार में चल रहे मानवीय संकट को और गंभीर बना सकता है। देश पहले से ही गृहयुद्ध, आर्थिक संकट और विस्थापन जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। भूकंप ने कृषि उत्पादन और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं।
रविवार को भूकंप ऐसे समय आया जब देश में तीन दिवसीय थिंगयान पर्व की शुरुआत हुई थी, जो पारंपरिक नववर्ष का प्रतीक है। लेकिन 28 मार्च की त्रासदी के चलते सार्वजनिक उत्सव पहले ही रद्द कर दिए गए थे। अब रविवार के भूकंप ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
हालांकि ताजा भूकंप से किसी बड़े नुकसान या हताहत की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन लगातार आ रहे झटकों से लोग सहमे हुए हैं। सरकार और स्थानीय एजेंसियां नुकसान के आकलन में जुटी हैं, और राहत प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं।
म्यांमार इस समय एक भीषण प्राकृतिक और मानवीय संकट के दौर से गुजर रहा है, जहां हर दिन एक नई चुनौती सामने आ रही है।





