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ट्रम्प के पहले अमेरिकी कांग्रेस संबोधन में क्या कुछ रहा खास, जानिए सब कुछ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे हैं. दूसरी बार व्हाइट हाउस लौटने के बाद यह उनका पहला ऐसा संबोधन है.
ट्रंप के संबोधन की बड़ी बातें
- “हमने 43 दिनों में वो किया जो पिछली सरकारों ने 4 सालों या 8 सालों में नहीं किया”
- “हमारी आत्मा वापस आ गई है, हमारा गौरव वापस आ गया है, हमारा आत्मविश्वास वापस आ गया है, और अमेरिकी सपना पहले से कहीं अधिक बड़ा और बेहतर हो रहा है.”
- हमने दक्षिणी बॉर्डर पर राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की और देश पर आक्रमण को विफल करने के लिए अमेरिकी सेना और सीमा गश्ती दल को तैनात किया. बाइडेन अमेरिकी इतिहास में सबसे खराब राष्ट्रपति” थे और तब एक महीने में सैकड़ों हजारों अवैध क्रॉसिंग होती थीं.
- ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिका को “अनुचित” पेरिस जलवायु समझौते, “भ्रष्ट” विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और “अमेरिका विरोधी” संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से वापस ले लिया है.
- ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने पद संभालने के बाद से सभी संघीय भर्तियों (केंद्र सरकार में भर्ती) पर तत्काल रोक लगा दी है. साथ ही सभी नए संघीय नियमों और सभी विदेशी सहायता पर भी रोक लगा दी है.
- ट्रंप ने अंडों की कीमत को “नियंत्रण से बाहर” होने देने के लिए बाइडेन को दोषी ठहराया.
- डोनाल्ड ट्रंप ने नए दक्षता विभाग DOGE और उसको लीड कर रहे अरबपति एलोन मस्क की मौजूदगी का जिक्र किया. उन्हें शुक्रिया कहा और दावा किया कि मस्क बहुत मेहनत कर रहे हैं.
- ट्रंप ने कहा कि वह 5 मिलियन डॉलर में अमेरिकी नागरिकता देने के लिए “गोल्ड कार्ड” वीज़ा प्रणाली शुरू करेंगे. उन्होंने कहा, “यह ग्रीन कार्ड की तरह है, लेकिन बेहतर और अधिक सोफिस्टिकेटेड है.”
- ट्रंप ने भारत समेत दूसरे देशों से कहा कि यदि आप अपना प्रोडक्ट अमेरिका में नहीं बनाते हैं तो आपको टैरिफ देना होगा. भारत का नाम भी लेते हुए उन्होंने कहा कि अन्य देश अमेरिका से “काफी अधिक” टैरिफ वसूलते हैं. “यह बहुत अनुचित है.” उन्होंने कहा कि अब अमेरिका की बारी है. अमेरिका अब 2 अप्रैल से काउंटर टैरिफ लगाएगा. ”वे हम पर जो भी टैरिफ लगाएंगे, हम उन पर उतना टैरिफ लगाएंगे.”
- ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने विदेशी एल्यूमीनियम, तांबा, लकड़ी और स्टील पर 25% टैरिफ लगाया है. “ये टैरिफ सिर्फ अमेरिकी नौकरियों को नहीं बचाएगा, बल्कि देश की आत्मा को भी बचाएगा.”





